जिला प्रशासन से न्याय न मिलने पर अब सीएम से शिकायत करेगा पीडि़त
https://www.shirazehind.com/2014/12/blog-post_562.html
मामला कांग्रेसी नेता द्वारा जबर्दस्ती सादे स्टैम्प पेपर पर हस्ताक्षर करवाने का
जौनपुर। जनपद के एक कांग्रेसी नेता सहित उनके पुत्र द्वारा की गयी धोखाधड़ी से पीडि़त व्यक्ति अब सूबे के मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर शिकायत करने का मूड बना रहा है, क्योंकि गत दिवस जिलाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक से की गयी शिकायत के बाबत आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। पीडि़त जनपद के जलालपुर थाना क्षेत्र राजेपुर गांव निवासी महेन्द्र विश्वकर्मा है जिसका आरोप है कि 18 नवम्बर 2014 को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के शेषपुर निवासी कांग्रेसी नेता तिलकधारी निषाद पुत्र बसंता व उनके पुत्र प्रदीप ने हमें अपने घर बुलाया जहां पहुंचने पर उन लोगों के अलावा उषा देवी पत्नी स्व. मुन्ना लाल, अवधेश पुत्र स्व. मुन्ना लाल निवासी राजेपुर थाना जलालपुर सहित कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर एक सादे स्टैम्प पेपर पर उसका हस्ताक्षर करवा लिये जिसका विरोध करने पर उन्होंने तमाम तरह की धमकियां दीं। पीडि़त के अनुसार उसको डर है कि उक्त लोगों द्वारा कराये गये सादे स्टैम्प पेपर पर किये गये हस्ताक्षर का दुरूपयोग करेंगे। इसी को लेकर बीते 20 नवम्बर को जिलाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक से मिलकर उन्हें लिखित रूप से अवगत कराते हुये उपरोक्त लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की गयी लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। इसी को लेकर पीडि़त अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दरबार में पहुंचकर लिखित रूप से अवगत करने का मूड बना रहा है।
जौनपुर। जनपद के एक कांग्रेसी नेता सहित उनके पुत्र द्वारा की गयी धोखाधड़ी से पीडि़त व्यक्ति अब सूबे के मुख्यमंत्री के दरबार में जाकर शिकायत करने का मूड बना रहा है, क्योंकि गत दिवस जिलाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक से की गयी शिकायत के बाबत आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। पीडि़त जनपद के जलालपुर थाना क्षेत्र राजेपुर गांव निवासी महेन्द्र विश्वकर्मा है जिसका आरोप है कि 18 नवम्बर 2014 को लाइन बाजार थाना क्षेत्र के शेषपुर निवासी कांग्रेसी नेता तिलकधारी निषाद पुत्र बसंता व उनके पुत्र प्रदीप ने हमें अपने घर बुलाया जहां पहुंचने पर उन लोगों के अलावा उषा देवी पत्नी स्व. मुन्ना लाल, अवधेश पुत्र स्व. मुन्ना लाल निवासी राजेपुर थाना जलालपुर सहित कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर एक सादे स्टैम्प पेपर पर उसका हस्ताक्षर करवा लिये जिसका विरोध करने पर उन्होंने तमाम तरह की धमकियां दीं। पीडि़त के अनुसार उसको डर है कि उक्त लोगों द्वारा कराये गये सादे स्टैम्प पेपर पर किये गये हस्ताक्षर का दुरूपयोग करेंगे। इसी को लेकर बीते 20 नवम्बर को जिलाधिकारी एवं आरक्षी अधीक्षक से मिलकर उन्हें लिखित रूप से अवगत कराते हुये उपरोक्त लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की गयी लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। इसी को लेकर पीडि़त अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दरबार में पहुंचकर लिखित रूप से अवगत करने का मूड बना रहा है।
