मुस्लिम संगठनों ने मनाया काला दिवस
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जौनपुर। मुस्लिम संगठनों ने 6 दिसंबर को काला दिवस मनाते हुए कहा कि
मुसलमानों को अयोध्या में बाबरी मस्जिद के पुन: निर्माण से कम कुछ भी
स्वीकार नहीं है।
अटाला मस्जिद के बाहरी सहन पर मरकजी सीरत कमेटी के तत्वाधान में यौमे
अज्म पर जलसे का आयोजन किया गया। सदारत कमेटी के सदर अनवारुल हक 'गुड्डू'
ने किया। वक्ताओं ने कहा कि बाबरी मस्जिद को फिरका परस्त ताकतों ने शहीद
किया और आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। कमेटी के संरक्षक डा.शकील, पूर्व विधायक
हाजी अफजाल अहमद, डा.हसीन, मजहर आसिफ, शकील मंसूरी, लाल मोहम्मद राइन,
कमालुद्दीन, अरशद अंसारी आदि ने बाबरी मस्जिद के पुन: निर्माण व दोषियों के
विरुद्ध कार्यवाही से संबंधित पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संचालन अरशद
कुरैशी ने किया।
इसी प्रकार आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन की जिला इकाई के तत्वाधान में बाबरी मस्जिद शहादत के विरोध में कार्यक्रम किया गया। इसमें तुफेल अहमद सिद्दीकी अब्दुल्लाह, खालिद खां, गुफरान खान आदि ने राष्ट्रपति से बाबरी मस्जिद की शहादत के आरोपियों की गिरफ्तारी, मस्जिद की कुल जमीन मुसलमानों के हवाले कर उसके पुन: निर्माण की अनुमति की मांग की।
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के जिलाध्यक्ष हस्सान कासमी, अंसार अहमद, इमरान बंटी, अफरोज आलम, जावेद सिद्दीकी, शाहिद खान आदि ने बैठक कर मांग किया कि पूर्व प्रधानमंत्री के वादे के मुताबिक मस्जिद के पुन: निर्माण का रास्ता साफ किया जाए।
इसी प्रकार आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन की जिला इकाई के तत्वाधान में बाबरी मस्जिद शहादत के विरोध में कार्यक्रम किया गया। इसमें तुफेल अहमद सिद्दीकी अब्दुल्लाह, खालिद खां, गुफरान खान आदि ने राष्ट्रपति से बाबरी मस्जिद की शहादत के आरोपियों की गिरफ्तारी, मस्जिद की कुल जमीन मुसलमानों के हवाले कर उसके पुन: निर्माण की अनुमति की मांग की।
राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के जिलाध्यक्ष हस्सान कासमी, अंसार अहमद, इमरान बंटी, अफरोज आलम, जावेद सिद्दीकी, शाहिद खान आदि ने बैठक कर मांग किया कि पूर्व प्रधानमंत्री के वादे के मुताबिक मस्जिद के पुन: निर्माण का रास्ता साफ किया जाए।

