मिथिलेश बिंद हत्याकांडः भदोही में आनरकिलिंग में की गई थी प्रेमी की हत्या
https://www.shirazehind.com/2014/12/blog-post_69.html
चाचा के संग मिल भाई ने की बहन के प्रेमी की हत्याभदोही (गोपीगंज )। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के गोपीगंज थाने के अलमऊ गांव में पिछली 26 नवम्बर को चंदपुरा गांव के मिथिलेश बिंद की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक विक्रमादित्य सचान ने मीडिया वालों के सामने इस हत्या कांड का खुलासा किया। चाचा और और भतीजे ने साथ मिल कर आनरकिलिंग की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को लालनगर से हिरासत में लिया। बाद में जुर्म स्वीकार ने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
गोपीगंज थाने के चंदपुरा गांव निवासी मिथिलेश बिंद जिसकी उम्र 19 साल की थी। वह स्नातक का छात्र था। उसकी गहरी दोस्ती गांव के ही रामधनी के बेटे मिर्ची बिंद से थी। मिथिलेश बिंद दोस्त मिर्ची के घर बराबर आया जाया करता था। पुलिस खुलासे के मुताबित जैसा प्रेमिका के भाई ने मिर्ची ने कबूला कि उसकी नजदीकी उसकी बहन से हो गई। एक दिन उसने मिथिलेश और अपनी बहन को आपत्ति जनक स्थिति में देख लिया। बहन और दोस्त मिथिलेश की दोस्ती उसे खटकने लगी। इस दौरान उसने सारी घटना की जानकारी चाचा लल्लू बिंद को बताई। बाद में दोनों ने मिथिलेश को अपनी इज्जत के खातिर मौत के घाट उतारने का फैसला किया। 26 नवम्बर को मिथिलेश को प्रेमिका के भाई राजेश बिंद उर्फ मिर्ची ने मछली मारने के बहाने उसे बुलाया। बाद में चाचा लल्लू बिंद और उसने खुद पास के अलम गांव में उसकी कैंचियों से घोंप कर हत्या करने के बाद शव तालाब में डाल दिया। हत्या के दो दिन बाद 28 नवम्बर को तालाब में उतराया मिला। बाद में परिजनों ने उसकी शिनाख्त मिथिलेश बिंद के रुप में की थी। क्योंकि वह घर से 26 नवम्बर को ही लापता था। पुलिस ने इसे हत्या का मामला दर्ज किया था। इस घटना के पीछे प्रेम प्रपंच में हत्या होने की पुलिस को पहले की आशंका थी। एसपी विक्रमादित्य सचान ने इस घटना के खुलासे के लिए गोपीगंज पुलिस के साथ क्राइमब्रंाच टीम के तेज तर्रार लोगों को लगाया था। आनरकिलिंग के जुर्म में चाचा और भतीजे को संबंध धराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया है।
