नहीं लगा मौसम संयन्त्र
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जौनपुर। जनपद में मौसम संबंधी वेधशाला नहीं है। कृषि विभाग द्वारा पूर्व में आत्म योजना के तहत तहसील मुख्यालयों में तापमान, आर्द्रता, वायुदाब, वर्षा आदि नापने का यंत्र लगाया गया था लेकिन देखरेख के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति न होने के कारण यह व्यवस्था औचित्यहीन रही। मौसम की जानकारी हेतु राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सूचना एवं संचार तकनीक के अन्तर्गत जिला मुख्यालय सहित सभी ब्लाकों में मौसम संबंधी जानकारी के लिए संयंत्र लगाए गए थे। सरकार द्वारा इस योजना को बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा पर उपकार योजना के अन्तर्गत चार साल पूर्व वेधशाला स्थापित करने के लिए 6.5 लाख रुपये स्वीकृत हुआ है। बंगलौर से आई टीम द्वारा सर्वे भी किया गया लेकिन अवरोध के चलते यंत्र नहीं लग सके। मौसम संबंधी जानकारी समय से न उपलब्ध होने के कारण किसान फसलों की प्लानिंग नहीं कर पाता है। केंद्र सरकार द्वारा पांच साल से जिले में चल रही आईसीटी योजना बंद कर दी गई है। जिसके चलते किसानों को नवीनतम तकनीकी जानकारी देने की मंशा पर पानी फिर गया है। बताते हैं कि वर्ष 2007 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत सूचना एवं संचार तकनीक विभाग स्थापित किया गया था। इसके तहत किसानों को खेती की नई-नई तकनीक बताने के साथ ही मछली, पशुपालन, मुर्गी पालन आदि की भी जानकारी दी जाती थी। आईसीटी योजना के जिला प्रभारी के अतिरिक्त सभी 21 ब्लाकों में मानदेय पर ब्लाक प्रभारी तैनात थे। जो ब्लाक के 16 गांवों का चयन कर किसानों के खेत पर जाकर कम लागत में अधिक उत्पादन की जानकारी देने के साथ ही फसलों में लगने वाले रोगों और उससे बचाव के उपाय बताते थे।
