कबाड़ा साइकिलें मिलने से विकलांग खफा
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जौनपुर। कलेक्ट्रेट के प्रेक्षागृह में गुरूवार को विकलांगों को वितति की गयी ट्राई साइकिलें कबाड़ा किस्म की और पुरानी थी। जिसे लेने से कई विकलांग तैयार ही नहीं हो रहे थे। काफी खुशामद के बाद उन्होने इसे स्वीकार किया। देखा गया कि साइकिल के विभिन्न हिस्सों में जंग लगा हुआ था। किसी में ब्रेक नहीं था किसी में हवा नहीं थी। इसको लेकर तरह की चर्चायें हो रही थी। कई विकलांगों ने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरूवार को वे काफी मशक्कत कर जिला मुख्यालय पर आये लेकिन प्रदेश के काबीना मंत्री पाारस नाथ यादव के अपरिहार्य कारणों से न आने के कारण उन्हे वापस लौटना पड़ा और आज जब बुलाकर साइकिलें दी गयी तो उनकी हालत ठीक नहीं थी। रिम, हैण्डिल और कई उपकरण पर जंग लगा हुआ था। कुछ साइकिलें तो पंचर थी। साइकिल वितरण करने से पूर्व उसकी फिटनेस दिखवा कर प्रशासन को वितरित करानी चाहिए थी। हर साइकिल की चेन में जंग लगा होने के कारण उसे ले जाना भी मुश्किल साबित हो रहा था। यहां उनके पेयजल की व्यवस्था नहीं थी जब सुरक्षा कर्मी और अधिकारी कर्मचारी बढि़या नाश्ता कर रहे थे। वे दूर दूर से आये थे लेकिन उनके नाश्ते आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गयी। विकलांगों के साथ यह भेद भव व उपेक्षा शासन प्रशासन की लापरवाही का द्योत्तक है।
