श्रद्धा के साथ मनाया 22 रजब का नज्र
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जौनपुर। मुसलमान समुदाय 22 रजब की नज्र अीदत के साथ मनाते है। इसे अकीदत से घर घर में आयोजित किया जाता है। इस दिन पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के छठें उत्तराधिकारी इमाम जाफर साकि की नज्र दी जाती है। इसके माध्यम से अल्लाह लोगों की मुरादें पूरी करता है। जिसमें तरह तरह के पकवान बनाये जाते हैं। इसे 22 रजब कंुडा के नाम से भी जाना जाता है। क्योकि लोग ज्यादातर मिट्टी के बरतनों में मीठी रोटी व खीर नज्र कराते है। सुबह की नमाज पढ़कर लोग अपने घरों में कुराने पाक की तिलावत करके नज्र व नियाज की दुआयें पढ़कर नज्र के कार्यक्रम की शुरूआत करते है। इसके बाद मर्द, बूढ़े, बच्चेएक दूसरे के घरों में जाकर नज्र का सेवन करते है। मेल मिलाप, भाईचारा व एकता और कौमियत को बढ़ाने में भारतीय संस्कृति की नज्र दिखाई देती है। कही कही हिन्दू मुसलमानों द्वारा मन्नती कुडा कराते है। इस्लाम एकता व भाईचारे का मजहब है। यह पर्व इसी एकता का प्रतीक है। शहर के मुस्लिम बाहुल्य मोहल्लों मृफ्ती मोहल्ला, मकदूम शाह अढ़न, पान दरीबा, सिपाह, बलुआघाट, पुरानी बाजार, कटघरा, राजाबाजार , उर्दू बाजार , बेगम गंज, आदि गांवो व कस्बों में ख्हल पहल दिखाई दी। शेख नूरूल हसन मेमोरियल सोसायटी कार्यालय पर नज्र का आयोजन मोहम्मद उमर कादरी के नेतृत्व में किया गया। जौनपुर अजादारी कार्यालय नकी फाटक पर अध्यक्ष मोहम्मद हसन के नेतृत्व में तथा उर्दू बाजार में जौनपुर अजादरी एशोसिशन कार्यालय पर तहसीन अब्बास सोनी, कटघरा में मिर्जा जावेद सुल्तान, पान दरीबा में मुस्तफा शमशी, असलम नकवी द्वारा नज्र का आयोजन किया गया। सब्जी मण्डी में मोहम्मद मुस्लिम हीरा के नेतृत्व में नज्र का अयोजन किया गया।

