योग विस्तारक अचल हरिमूर्ति ने प्रशिक्षुओं को दिया प्रशिक्षण
https://www.shirazehind.com/2015/07/blog-post_18.html
जौनपुर। अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुकी भारत की प्राचीन विधा योग बच्चों के व्यवहारिक व क्रियात्मक अभ्यासों को बचपन से ही कराकर उनके शारीरिक एवं मानसिक स्तर को उच्चतम शिखर तक पहुंचाया जा सकता है। उक्त बातें प्रशिक्षु अध्यापकों के लिए बीआरसी बक्शा में चलाये जा रहे योग प्रशिक्षण शिविर में खण्ड शिक्षा अधिकारी रमाकान्त राम ने कही। जनपद के सभी विद्यालयों पर योग का क्रियात्मक अभ्यास शुरू कराने के उद्देश्य से योग विस्तारक अचल हरिमूर्ति द्वारा कराये जा रहे योग प्रशिक्षण शिविरों के क्रम में मंगलवार को प्रशिक्षुओं को विभिन्न प्रकार के आसनों सहित भास्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, नौविक्रिया, भ्रामरी तथा उद्गीथ प्राणायामों के अभ्यासों के साथ-साथ ध्यान की विशेष प्रक्रिया का अभ्यास कराते हुए बच्चों के मनोस्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में भी बताया गया। इस मौके पर अच्छेलाल, लालसाहब यादव, उदय प्रताप, विष्णुशंकर सिंह सहित अनेकों अध्यापकों ने योग प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया।
