भदोहीः स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों को मिलेगा दूध
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भदोही। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों की तंदुरुस्ती सुधारने के लिए दूध दिया जाएगा। यह खबर दिल को शकून देने वाली है। लेकिन इस योजना पर अभी से सवाल उठने लगे हैं। हलांकि इसका किस तरह और कैसे क्रियान्वयन होगा। यह स्थिति साफ नहीं हैं लेकिन जिले में 15 जुलाई से योजना का शुभांरभ हो सकता है। प्रदेश सरकार स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों की सेहत को लेकर कुछ अधिक फिक्रमंद दिखती हैं।
प्राथमिक विद्यालयों में इस योजना को संचालित करने के लिए हर रोज सौ-दौ लीटर नहीं 40 हजार लीटर दूध की जरुरत होगी। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतनी मात्रा में नौनिहालों को पीने के लिए दूध कहां से आएगा। इस पर खर्च की जाने वाली धनराशि कहां से आएगी। यह अपने आप में एक टेढ़ा सवाल है। स्कूलों में एमडीएम योजना पहले से ही संचालित है। राष्टीय योजना पर पहले ही सवाल उठते रहे हैं। कभी खाने में छिपकली या कीड़े मिलना आम बात है। स्कूलों में महींनों-महींनों भोजन न बनना भी अलग समस्या है। यह योजना ग्राम पंचायतों और शिक्षा विभाग के लिए भ्रष्टाचार का माध्यम भी है। योजना तो अच्छी है लेकिन इसका संचालन सफल होगा भी या नहीं कह पाना मुश्किल है। मिली जानकारी के अनुसार इस योजना में प्रति छात्र को कम से कम 200 ग्राम मिल्क दिया जाएगा। सूत्रों की माने तो जिले में इसका शुभांरभ 15 जुलाई से होगा। 22 तारीख को पंचायत राज विभाग और राजस्व विभाग मिल कर इस योजना की जमीनी हकीकत परखेंगे। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डा. सत्य प्रकाश त्रिपाठी से बात संपर्क किया गया तो वे जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु की मीटिंग में मौजूद थे। जिससे इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं मिल पायी है।
प्राथमिक विद्यालयों में इस योजना को संचालित करने के लिए हर रोज सौ-दौ लीटर नहीं 40 हजार लीटर दूध की जरुरत होगी। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतनी मात्रा में नौनिहालों को पीने के लिए दूध कहां से आएगा। इस पर खर्च की जाने वाली धनराशि कहां से आएगी। यह अपने आप में एक टेढ़ा सवाल है। स्कूलों में एमडीएम योजना पहले से ही संचालित है। राष्टीय योजना पर पहले ही सवाल उठते रहे हैं। कभी खाने में छिपकली या कीड़े मिलना आम बात है। स्कूलों में महींनों-महींनों भोजन न बनना भी अलग समस्या है। यह योजना ग्राम पंचायतों और शिक्षा विभाग के लिए भ्रष्टाचार का माध्यम भी है। योजना तो अच्छी है लेकिन इसका संचालन सफल होगा भी या नहीं कह पाना मुश्किल है। मिली जानकारी के अनुसार इस योजना में प्रति छात्र को कम से कम 200 ग्राम मिल्क दिया जाएगा। सूत्रों की माने तो जिले में इसका शुभांरभ 15 जुलाई से होगा। 22 तारीख को पंचायत राज विभाग और राजस्व विभाग मिल कर इस योजना की जमीनी हकीकत परखेंगे। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षाधिकारी डा. सत्य प्रकाश त्रिपाठी से बात संपर्क किया गया तो वे जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु की मीटिंग में मौजूद थे। जिससे इस संबंध में अधिक जानकारी नहीं मिल पायी है।

