भदोहीः उमड़-घूमड़ कर बरसे बदरा, किसानों को पहुंचा लाभ
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भदोही। जिले में मौसम की मेेहरबानी से खेती किसानी को बड़ा लाभ हुआ है। 24 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। शुक्रवार की शाम से जारी बरसात लगातार रुक-रुक कर हो रही है। बारिश से जहां तापमान गिर गया है वहीं धान की नर्सरी और उसकी रोपाई में किसानों को भारी लाभ पहुंचा है। लेकिन बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर से लेकर गांवी गलियां जहां पानी और कीचड़ से भर गयी। वहीं व्यापार बुरा असर पड़ा है। लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाए हैं। सरकारी कार्यालयों और कचहरियों में भी बरसात के कारण कामकाज प्रभावित हुआ। स्कूलों की पढ़ाई पर असर दिखा। बच्चों को स्कूल छोड़ने में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। पूरा आसमान काले बादलों से घिरा था। तेज हवा भी चल रही थी। दिन में भी अंधेरा छाया था।
मनसून की सक्रियता से बारिश पूरे जिले में लगातार हो रही बारिश से अभी तक किसानों को जायद की फसल बुआई का मौका नहीं मिल सका है। क्योंकि हर रोज अच्छी खासी बरसात हो जा रही है जिससे खेत की जुताई न होने से तिलहनी और दलहनी फसलों की बुआई नहीं हो रही है। जिन किसानों ने मानसून की पहली बारिश के बाद बुआई कर दिया था उन्होंने बाजी मार ली है। लेकिन जिन्होंने बुआई नहीं कि उनके लिए मुश्किल हो चली है। उधर इस बरसात का सबसे अधिक लाभ बिलंब से डाली गयी धान की नर्सरी के लिए हो रहा है। लगातार बरसात से धान की नर्सरी की प्रगति तेजी से हो रही है। नर्सरी में कोई रोग नहीं लग रहा है। इसी तरह अगर मौसम मेहरबान रहा तो बिलंब से डाली गयी नर्सरी मौसम की मेहरबानी से रोपाई लायक हो जाएगी। उधर जिन किसानों ने बरसात के पहले नर्सरी डाल दी थी उन्होंने इसका लाभ उठाया है। बरसात के कारण उनके खेतों में धान की रोपाई हो रही है। उधर बारिश के चलते नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के नीचले इलाकों की हालत खस्ता है। इन इलाकों में पानी जमा हो गया है। जिससे लोगों की मुशीबत बढ़ गयी है। गलियां कीचड़ से सन गयी हैं। बरसात से कचड़ा बजबजा रहा है। संक्रामण बीमारियों के फैसलने की आशंका बढ़ गयी है। भदोही, गोपीगंज, खमरिया, ज्ञानपुर, सुरियावां, नई बाजार , घोसिया जैसे नगरों में नीचले इलाकों की स्थिति बुरी है। जिसके चलते वहां के लोगों की स्थिति बेहद खराब है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में सड़कें ध्वस्त हो चली हैं। जिससे सड़क में बने गड्ढों में पानी भर गया हैं। यह पता ही नहीं चल रहा है कि यह सड़क है कि तरणताल। लगातार बारिश से लोग घरों से नहीं निकले। सरकारी कार्यालयों में जहां कामकाज प्रभावित रहा। वहीं लोग समय पर अपनी नौकरी या कामधंधे पर नहीं जा पाए। बरसात ने किसी को घर से निकले का मौका ही नहीं दिया। वहीं स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित हुई। बच्चे घर से नहीं निकल पाए। बाजारों में लोग दिखाई नहीं दिए जिससे व्यापारियों का नुकसान हुआ। लेकिन बारिश का व्यापक लाभ हुआ है।
मनसून की सक्रियता से बारिश पूरे जिले में लगातार हो रही बारिश से अभी तक किसानों को जायद की फसल बुआई का मौका नहीं मिल सका है। क्योंकि हर रोज अच्छी खासी बरसात हो जा रही है जिससे खेत की जुताई न होने से तिलहनी और दलहनी फसलों की बुआई नहीं हो रही है। जिन किसानों ने मानसून की पहली बारिश के बाद बुआई कर दिया था उन्होंने बाजी मार ली है। लेकिन जिन्होंने बुआई नहीं कि उनके लिए मुश्किल हो चली है। उधर इस बरसात का सबसे अधिक लाभ बिलंब से डाली गयी धान की नर्सरी के लिए हो रहा है। लगातार बरसात से धान की नर्सरी की प्रगति तेजी से हो रही है। नर्सरी में कोई रोग नहीं लग रहा है। इसी तरह अगर मौसम मेहरबान रहा तो बिलंब से डाली गयी नर्सरी मौसम की मेहरबानी से रोपाई लायक हो जाएगी। उधर जिन किसानों ने बरसात के पहले नर्सरी डाल दी थी उन्होंने इसका लाभ उठाया है। बरसात के कारण उनके खेतों में धान की रोपाई हो रही है। उधर बारिश के चलते नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के नीचले इलाकों की हालत खस्ता है। इन इलाकों में पानी जमा हो गया है। जिससे लोगों की मुशीबत बढ़ गयी है। गलियां कीचड़ से सन गयी हैं। बरसात से कचड़ा बजबजा रहा है। संक्रामण बीमारियों के फैसलने की आशंका बढ़ गयी है। भदोही, गोपीगंज, खमरिया, ज्ञानपुर, सुरियावां, नई बाजार , घोसिया जैसे नगरों में नीचले इलाकों की स्थिति बुरी है। जिसके चलते वहां के लोगों की स्थिति बेहद खराब है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में सड़कें ध्वस्त हो चली हैं। जिससे सड़क में बने गड्ढों में पानी भर गया हैं। यह पता ही नहीं चल रहा है कि यह सड़क है कि तरणताल। लगातार बारिश से लोग घरों से नहीं निकले। सरकारी कार्यालयों में जहां कामकाज प्रभावित रहा। वहीं लोग समय पर अपनी नौकरी या कामधंधे पर नहीं जा पाए। बरसात ने किसी को घर से निकले का मौका ही नहीं दिया। वहीं स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित हुई। बच्चे घर से नहीं निकल पाए। बाजारों में लोग दिखाई नहीं दिए जिससे व्यापारियों का नुकसान हुआ। लेकिन बारिश का व्यापक लाभ हुआ है।

