अवैध कब्जा को हटवाने के लिये एसपी से लगायी गुहार
https://www.shirazehind.com/2015/07/blog-post_488.html
खेतासराय (जौनपुर)।पोरईखुर्द गांव में एक विवादित जमीन पर
कोर्ट का स्थगन आदेश मिलने के बावजूद निर्माण कार्य हो गया।पीडित थाने में
जबतक निर्माण कार्य रुकवाने का थानाध्यक्ष से सिफारिश करता।तबतक एक नायब
दरोगा की सह पर सीमेण्ट का शेड लगा दिया गया।पीडित दीपेश सिंह ने विवादित
जमीन से सीमेण्ट शेड हटवाने के लिये पुलिस अधीक्षक से गुहार लगायी है।
पोरईखुर्द गांव निवासी दीपेश सिंह का गांव के ही नन्दलाल बिन्द से एक जमीन को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा है।पांच साल पूर्व विवादित जमीन पर नन्दलाल दीवार उठाने लगा तो दीपेश के भाई भूपेश सिंह ने कोर्ट की शरण ली।वर्ष 2010 में सिवि कोर्ट से भूपेश सिंह को स्थगन आदेश मिल गया।
> इस दौरान नन्दलाल ने दीवार पर सीमेण्ट शेड रखने लगा तो भूपेश ने थाने में जाकर थानाध्यक्ष को कोर्ट का स्थगन आदेश की प्रति दिखाते हुए निर्माण कार्य रुकवाने का आग्रह किया।जबतक पुलिस मौके पर पहुंच कर निर्माण कार्य रोकती।तबतक सीमेण्ट शेड लग चुका था।लेकिन पुलिस शेड हटवाने के बजाय आगे निर्माण न करने की बात कहकर वापस चली गयी।इससे पहले भी इस विवादित जमीन पर स्टे होने के बावजूद निर्माण कार्य करने का प्रयास किया गया।लेकिन तत्कालीन थानाध्यक्षों द्वारा न्यायालय के आदेश का सख्ती से पालन किया गया।जिस कारण निर्माण कराने में सफलता नहीं मिल पायी।
पीडित ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंप कर न्याय की गुहार लगायी है।
पोरईखुर्द गांव निवासी दीपेश सिंह का गांव के ही नन्दलाल बिन्द से एक जमीन को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा है।पांच साल पूर्व विवादित जमीन पर नन्दलाल दीवार उठाने लगा तो दीपेश के भाई भूपेश सिंह ने कोर्ट की शरण ली।वर्ष 2010 में सिवि कोर्ट से भूपेश सिंह को स्थगन आदेश मिल गया।
> इस दौरान नन्दलाल ने दीवार पर सीमेण्ट शेड रखने लगा तो भूपेश ने थाने में जाकर थानाध्यक्ष को कोर्ट का स्थगन आदेश की प्रति दिखाते हुए निर्माण कार्य रुकवाने का आग्रह किया।जबतक पुलिस मौके पर पहुंच कर निर्माण कार्य रोकती।तबतक सीमेण्ट शेड लग चुका था।लेकिन पुलिस शेड हटवाने के बजाय आगे निर्माण न करने की बात कहकर वापस चली गयी।इससे पहले भी इस विवादित जमीन पर स्टे होने के बावजूद निर्माण कार्य करने का प्रयास किया गया।लेकिन तत्कालीन थानाध्यक्षों द्वारा न्यायालय के आदेश का सख्ती से पालन किया गया।जिस कारण निर्माण कराने में सफलता नहीं मिल पायी।
पीडित ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंप कर न्याय की गुहार लगायी है।

