जौनपुर के जेल अधिकारियों सहित अज्ञात बंदीरक्षकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज
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जौनपुर। जिला कारागार में बंदीरक्षकों की पिटाई से बंदी की हुई मौत को लेकर बीते शनिवार की शाम से शुरू हुआ बवाल रविवार को जेल के कई अधिकारियों सहित तमाम बंदी रक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने एवं मृत बंदी के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के बाद शांत हो गया। हालांकि उपद्रव के दौरान जेल नियम को तोड़ने, एक थानाध्यक्ष सहित दर्जनों सिपाहियों को घायल करने, जेल में पथराव आदि करने के आरोप में बंदियों के खिलाफ कार्यवाही की प्रक्रिया भी देर शाम तक चल रही थी। फिलहाल जिला जेल परिसर की स्थिति नियंत्रित हो गयी है।
मालूम हो कि जेल प्रशासन के अनुसार महिला बंदीरक्षक के साथ अभद्रता करने पर बक्शा थाना क्षेत्र के लखौंवा गांव निवासी बंदी श्याम यादव 35 वर्ष की पिटाई कर दी गयी थी जिसके चलते उसकी मौत हो गयी थी। वहीं इसको लेकर जेल के सभी बंदियों ने एक राय होकर शाम को सबसे पहले रसोईघर पर कब्जा कर लिया जहां से सिलेण्डर आदि लेकर अपने को बैरक में सुरक्षित कर लिया। इसके बाद जेल की एक दीवार को तोड़कर उसमें से निकले ईंट से बंदीरक्षकों पर पथराव शुरू कर दिया। इसको नियंत्रित करने के लिये पुलिस ने हवाई फायरिंग, आंसू गैस, पानी के बौछार का प्रयोग किया। शाम से शुरू हुआ बवाल रविवार की सुबह तक चला जिसके चलते पुलिस को बीच में हवाई फायरिंग करना पड़ा।
जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी व आरक्षी अधीक्षक भारत सिंह यादव के अलावा अपर आरक्षी अधीक्षक नगर रामजी सिंह यादव, क्षेत्राधिकारी सदर हितेष्ण कृष्ण सहित कई थानाध्यक्ष, भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी के जवान, फायर सर्विस, आंसू गैस दस्ता आदि जेल पहुंचा जहां पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। रविवार को सुबह कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, डीआईजी जेल संतोष श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों की मौजूदगी में बंदियों से वार्ता हुई जहां जिलाधिकारी ने किसान बीमा योजना के तहत मृत बंदी के परिजनों को 5 लाख एवं कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने 50 हजार रूपये के आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही लाइन बाजार थाने में धारा 302 व 120बी के तहत जेल अधीक्षक ललित मोहन पाण्डेय, जेलर सत्य प्रकाश सिंह, डिप्टी जेलर जेपी वर्मा सहित अज्ञात बंदीरक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद आक्रोशित बंदियों का गुस्सा शांत हुआ। हालांकि देर शाम तक जेल प्रशासन की तरफ से भी उपद्रव करने वाले बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कवायद चल रही थी। फिलहाल जिला जेल की स्थिति नियंत्रित हो गयी है।
मालूम हो कि जेल प्रशासन के अनुसार महिला बंदीरक्षक के साथ अभद्रता करने पर बक्शा थाना क्षेत्र के लखौंवा गांव निवासी बंदी श्याम यादव 35 वर्ष की पिटाई कर दी गयी थी जिसके चलते उसकी मौत हो गयी थी। वहीं इसको लेकर जेल के सभी बंदियों ने एक राय होकर शाम को सबसे पहले रसोईघर पर कब्जा कर लिया जहां से सिलेण्डर आदि लेकर अपने को बैरक में सुरक्षित कर लिया। इसके बाद जेल की एक दीवार को तोड़कर उसमें से निकले ईंट से बंदीरक्षकों पर पथराव शुरू कर दिया। इसको नियंत्रित करने के लिये पुलिस ने हवाई फायरिंग, आंसू गैस, पानी के बौछार का प्रयोग किया। शाम से शुरू हुआ बवाल रविवार की सुबह तक चला जिसके चलते पुलिस को बीच में हवाई फायरिंग करना पड़ा।
जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी व आरक्षी अधीक्षक भारत सिंह यादव के अलावा अपर आरक्षी अधीक्षक नगर रामजी सिंह यादव, क्षेत्राधिकारी सदर हितेष्ण कृष्ण सहित कई थानाध्यक्ष, भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी के जवान, फायर सर्विस, आंसू गैस दस्ता आदि जेल पहुंचा जहां पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। रविवार को सुबह कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, डीआईजी जेल संतोष श्रीवास्तव सहित अन्य लोगों की मौजूदगी में बंदियों से वार्ता हुई जहां जिलाधिकारी ने किसान बीमा योजना के तहत मृत बंदी के परिजनों को 5 लाख एवं कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव ने 50 हजार रूपये के आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया।
इसके साथ ही लाइन बाजार थाने में धारा 302 व 120बी के तहत जेल अधीक्षक ललित मोहन पाण्डेय, जेलर सत्य प्रकाश सिंह, डिप्टी जेलर जेपी वर्मा सहित अज्ञात बंदीरक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद आक्रोशित बंदियों का गुस्सा शांत हुआ। हालांकि देर शाम तक जेल प्रशासन की तरफ से भी उपद्रव करने वाले बंदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कवायद चल रही थी। फिलहाल जिला जेल की स्थिति नियंत्रित हो गयी है।
