डाक्टर का आरोप :पैसा के खातिर नही दिलाया जा रहा है चार्ज बाबू ने कहा बलिया से सरकारी जीप और अभिलेख लेकर फरार है डाक्टर साहब
https://www.shirazehind.com/2015/07/blog-post_6.html
जौनपर। आयुर्वेद निदेशालय से स्थानांतरित होकर जौनपुर आये एक डाक्टर कार्यभार ग्रहण करने के लिए चक्कर काटना पड़ रहा है। इसी शिकायत डीएम से करने के लिए पिछले दो दिनों से कलेक्ट्रेट आ रहा लेकिन डीएम की न मौजूदगी के कारण वह मायूस होकर वापस लौट रहा है।
अपने शिकायती पत्र में उसने सीधा आरोप लगाया है कि उससे कार्यालय में तैनात बाबू चार्ज दिलाने के पांच हजार रूपये रिश्वत मांग रहा है। पैसा देने से इंकार करने पर वह धक्के मारकर बाहर भगाने की धमकी भी दिया है।
उधर आरोपी बाबू ने बताया कि डीएम बलिया का साफ आदेश है कि डाक्टर एसपी सिंह विभाग की जीप और सरकारी अभिलेख लेकर गायब है इस लिए पहले उनसे सरकारी जीप और अभिलेख ले लिया जाय उसके बाद ही कार्यभार ग्रहण कराया जाय। डीएम का यह आदेश उनको बताया गया तो वे आज दफ्तर में जमकर उत्पात मचाया और मुझे जान से मारने की धमकी दिया।
डा0 एसपी सिंह नामक एक डाक्टर ने आज पत्रकारो को एक प्रार्थना पत्र दिया है। यह पत्र डीएम जौनपुर को सम्बोद्यित पत्र है। पत्र में लिखा गया है कि मेरा ट्रांसफर आयुर्वेद चिकित्सालय लखऊ से राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय शाहगंज जौनपुर किया गया है। स्थानांतरण आदेश लेकर दो जुलाई को आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय को देकर चिकित्साधिकारी से कार्यभार ग्रहण कराने का निवेदन किया तो उन्होने कार्यालय के बरिष्ठ सहायक इशरत से एकांत में बात करने को कहा। मैने इशरत से बात किया तो उन्होने पांच हजार रूपये की मांग किया और यह लिखकर देने को कहा कि मुझे क्षेत्रिय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी जौनपुर का प्रभार नही चाहिए जब मैने यह लिखकर देने से इंकार किया तो इशरत ने मुझे गाली दी और धक्के मारकर भगा देने की धमकी दिया।
उधर आरोपी इशरत बाबू से बात किया गया तो मामला उल्टा ही दिखा। इशरत ने बताया कि डाक्टर इससे पूर्व बलिया जिले में तैनात थे वहा से तबादला होने के बाद वे सरकारी जीप और अस्पताल का अभिलेख लेकर फरार चल रहे है। बलिया के डीएम ने जीप और कागजात लेने के बाद ही उन्हे चार्ज देने का पत्र निदेशालय को लिखा। दो जुलाई को जब डा0 एसपी सिंह चार्ज लेने कार्यालय आये तो उन्हे डीएम बलिया के इस पत्र के बारे में जानकारी देते हुए पहले सरकारी जीप और अभिलेख बलिया में जमाकरके आने को कहा गया तो वे आग बबूला हो गये। उस दिन तो किसी तरह चले गये। लेकिन आज वे दोपहर में कार्यालय में आकर जमकर बवाल मचाया जिसके कारण पूरे कार्यालय के अधिकारी भयभीत हो गये। इशरत ने कहा कि वे मुझे गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दिया है।
अपने शिकायती पत्र में उसने सीधा आरोप लगाया है कि उससे कार्यालय में तैनात बाबू चार्ज दिलाने के पांच हजार रूपये रिश्वत मांग रहा है। पैसा देने से इंकार करने पर वह धक्के मारकर बाहर भगाने की धमकी भी दिया है।
उधर आरोपी बाबू ने बताया कि डीएम बलिया का साफ आदेश है कि डाक्टर एसपी सिंह विभाग की जीप और सरकारी अभिलेख लेकर गायब है इस लिए पहले उनसे सरकारी जीप और अभिलेख ले लिया जाय उसके बाद ही कार्यभार ग्रहण कराया जाय। डीएम का यह आदेश उनको बताया गया तो वे आज दफ्तर में जमकर उत्पात मचाया और मुझे जान से मारने की धमकी दिया।
डा0 एसपी सिंह नामक एक डाक्टर ने आज पत्रकारो को एक प्रार्थना पत्र दिया है। यह पत्र डीएम जौनपुर को सम्बोद्यित पत्र है। पत्र में लिखा गया है कि मेरा ट्रांसफर आयुर्वेद चिकित्सालय लखऊ से राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय शाहगंज जौनपुर किया गया है। स्थानांतरण आदेश लेकर दो जुलाई को आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय को देकर चिकित्साधिकारी से कार्यभार ग्रहण कराने का निवेदन किया तो उन्होने कार्यालय के बरिष्ठ सहायक इशरत से एकांत में बात करने को कहा। मैने इशरत से बात किया तो उन्होने पांच हजार रूपये की मांग किया और यह लिखकर देने को कहा कि मुझे क्षेत्रिय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी जौनपुर का प्रभार नही चाहिए जब मैने यह लिखकर देने से इंकार किया तो इशरत ने मुझे गाली दी और धक्के मारकर भगा देने की धमकी दिया।
उधर आरोपी इशरत बाबू से बात किया गया तो मामला उल्टा ही दिखा। इशरत ने बताया कि डाक्टर इससे पूर्व बलिया जिले में तैनात थे वहा से तबादला होने के बाद वे सरकारी जीप और अस्पताल का अभिलेख लेकर फरार चल रहे है। बलिया के डीएम ने जीप और कागजात लेने के बाद ही उन्हे चार्ज देने का पत्र निदेशालय को लिखा। दो जुलाई को जब डा0 एसपी सिंह चार्ज लेने कार्यालय आये तो उन्हे डीएम बलिया के इस पत्र के बारे में जानकारी देते हुए पहले सरकारी जीप और अभिलेख बलिया में जमाकरके आने को कहा गया तो वे आग बबूला हो गये। उस दिन तो किसी तरह चले गये। लेकिन आज वे दोपहर में कार्यालय में आकर जमकर बवाल मचाया जिसके कारण पूरे कार्यालय के अधिकारी भयभीत हो गये। इशरत ने कहा कि वे मुझे गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दिया है।

