भदोहीः जिला प्रशासन सख्त, तालाब से हटाया गया अतिक्रमण
https://www.shirazehind.com/2015/07/blog-post_70.html
सार्वजनिक जमीन पर नहीं होगा अतिक्रमण
जिलाधिकारी अतिक्रमण पर हैं बेहद गंभीर
लखनों गांव में अतिक्रमणकारियों को हटाया
भदोही। भदोही जिला प्रशासन सार्वजनिक जमीन और तालाबों पर अतिक्रमण को लेकर काफी सख्त है। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु का अडि़़यल रवैया राजस्व प्रशासन के लिए मुसीबत साबित हो रहा है। क्योंकि ऐसे स्थलों पर जीतने भी अतिक्रमण किए गए हैं सभी राजस्व विभागी की मिली भगत से किए गए हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय से सटे लखनों गांव में 20 साल पुराना अतिक्रमण ढ़हा दिया गया। इस दौरान गांव में किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए भारी संख्या में फोर्स और अधिकारी मौजूद थे। इस मामले में ग्रामीणों की ओर से शिकायत की जा रही थी। तीन लोगों का अतिक्रमण हटाया गया है। जबकि राजस्व विभाग का दावा है कि ने मामले का स्वंय संज्ञान में लेते हुए हटाया है। अगर ऐसा है तो यह अपने आप में उपलब्धि है। लगता है राजस्व विभाग अपनी नींद से जाग उठा है।
लखनों गांव में चार लोग तालाब की सार्वजनिक जमीन पर 20 साल से कब्जा जमाए थे। जिलाधिकारी के यहां गांव के कई लोग इसे हटाने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे थे। तालाब पर बने गुलाबचंद्र, रामनारायण और लीलावती का कब्जा हटा दिया गया। भदोही जिले में तालाबों पर अतिक्रमण की बात आम है। एक गांव में कई कई तालाबों पर अतिक्रमण हो गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने तालाबों पर अतिक्रमण की सूची भी मांगी है। लेकिन यह बेहद टेढी खीर है। क्योंकि तालाबों से अतिक्रमण हटाना आसान काम नहीं है। जबकि सुप्रीमकोर्ट पहले ही तालाबों से अतिक्रमण हटाने का आदेश दे चुकाक है। लेकिन जिला प्रशासन इस मामले में हमेंशा लचीला रवैया अपनाता रहा है। इस बार जिलाधिकारी काफी सख्त हुए हैं। लेकिन इसके पीछे राजस्व विभाग की साजिश रहती है। हल्का लेखपाल पैसे लेकर अतिक्रमण की खुली छूट देते हैं। अगर अतिक्रमण के दौरान इसे हटाया दिया जाय तो जिला प्रशासन को इतना पापड़ नहीकं बेलना पड़ेगा। अधिक खर्च भी नहीं आएगा और काम भी हो जाएगा। लेकिन ऐसा होता नहीं है। इस संबंध में ज्ञानपुर के तहसीलदार विजयनारायण सिंह ने बताया कि गांव के चार लोग काफी समय से तालाब पर कब्जा जमाए थे। जिसे राजस्व विभाग ने अतिक्रमण की शिकायत पर हटा दिया है। उन्होंने कहा है कि वैसे विभाग स्वयं सार्वजमीनों पर अतिक्रमण का संज्ञान ले रहा है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण को लेकर जिला और राजस्व प्रशासन संकलवद्ध है। किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक जमीन और तालाबों पर अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा।
जिलाधिकारी अतिक्रमण पर हैं बेहद गंभीर
लखनों गांव में अतिक्रमणकारियों को हटाया
भदोही। भदोही जिला प्रशासन सार्वजनिक जमीन और तालाबों पर अतिक्रमण को लेकर काफी सख्त है। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु का अडि़़यल रवैया राजस्व प्रशासन के लिए मुसीबत साबित हो रहा है। क्योंकि ऐसे स्थलों पर जीतने भी अतिक्रमण किए गए हैं सभी राजस्व विभागी की मिली भगत से किए गए हैं। शुक्रवार को जिला मुख्यालय से सटे लखनों गांव में 20 साल पुराना अतिक्रमण ढ़हा दिया गया। इस दौरान गांव में किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए भारी संख्या में फोर्स और अधिकारी मौजूद थे। इस मामले में ग्रामीणों की ओर से शिकायत की जा रही थी। तीन लोगों का अतिक्रमण हटाया गया है। जबकि राजस्व विभाग का दावा है कि ने मामले का स्वंय संज्ञान में लेते हुए हटाया है। अगर ऐसा है तो यह अपने आप में उपलब्धि है। लगता है राजस्व विभाग अपनी नींद से जाग उठा है।
लखनों गांव में चार लोग तालाब की सार्वजनिक जमीन पर 20 साल से कब्जा जमाए थे। जिलाधिकारी के यहां गांव के कई लोग इसे हटाने के लिए प्रार्थना पत्र दे रहे थे। तालाब पर बने गुलाबचंद्र, रामनारायण और लीलावती का कब्जा हटा दिया गया। भदोही जिले में तालाबों पर अतिक्रमण की बात आम है। एक गांव में कई कई तालाबों पर अतिक्रमण हो गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी ने तालाबों पर अतिक्रमण की सूची भी मांगी है। लेकिन यह बेहद टेढी खीर है। क्योंकि तालाबों से अतिक्रमण हटाना आसान काम नहीं है। जबकि सुप्रीमकोर्ट पहले ही तालाबों से अतिक्रमण हटाने का आदेश दे चुकाक है। लेकिन जिला प्रशासन इस मामले में हमेंशा लचीला रवैया अपनाता रहा है। इस बार जिलाधिकारी काफी सख्त हुए हैं। लेकिन इसके पीछे राजस्व विभाग की साजिश रहती है। हल्का लेखपाल पैसे लेकर अतिक्रमण की खुली छूट देते हैं। अगर अतिक्रमण के दौरान इसे हटाया दिया जाय तो जिला प्रशासन को इतना पापड़ नहीकं बेलना पड़ेगा। अधिक खर्च भी नहीं आएगा और काम भी हो जाएगा। लेकिन ऐसा होता नहीं है। इस संबंध में ज्ञानपुर के तहसीलदार विजयनारायण सिंह ने बताया कि गांव के चार लोग काफी समय से तालाब पर कब्जा जमाए थे। जिसे राजस्व विभाग ने अतिक्रमण की शिकायत पर हटा दिया है। उन्होंने कहा है कि वैसे विभाग स्वयं सार्वजमीनों पर अतिक्रमण का संज्ञान ले रहा है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण को लेकर जिला और राजस्व प्रशासन संकलवद्ध है। किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक जमीन और तालाबों पर अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा।

