बच्चों को उच्चतम स्तर तक पहुंचाने का संस्कारशाला है योगः आरपी यादव
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जौनपुर। योग एक ऐसी संस्कारशाला है जिसमें संस्कारित होकर प्रत्येक शिक्षक स्वयं के साथ बच्चों की शारीरिक एवं मानसिक विकास को उच्चतम स्तर तक पहुंचा सकता है। उक्त बातें बीआरसी खुटहन पर प्रशिक्षु अध्यापकों को दिये जा रहे योग प्रशिक्षण शिविर में खण्ड शिक्षा अधिकारी आरपी यादव ने कही। जनपद के प्रत्येक विद्यालय पर योग का क्रियात्मक अभ्यास शुरू करने के उद्देश्य से पतंजलि योगपीठ के योग विस्तारक अचल हरिमूर्ति द्वारा आज प्रशिक्षु अध्यापकों को योग की विविध गतिविधियों का अभ्यास कराया गया। योग के क्रियात्मक अभ्यासों के क्रम में योगिंग, जागिंग, सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, मर्कटासनों सहित भस्त्रिका, कपालभाति, अग्निसार, नौलिक्रिया, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी तथा उद्गीथ प्राणायामों का अभ्यास कराते हुये ध्यान की एक विशेष प्रक्रिया का अभ्यास कराकर उनसे मनोस्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों को बताया गया। इस अवसर पर एबीआरसी रामलोचन, राज बहादुर यादव, राकेश कुमार, विनय कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।

