जौनपुर के दोहरे ने ली एक और जान, मां की गोद पत्नी का मांग हुई सुनी दो नाबालिग बच्चो के सर से उठा पिता का साया
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जौनपुर। दोहरा ने अपने आगोश लेकर एक युवक को जहां मौत की नींद सुला दिया है वही उसकी बेवा मां की गोद और उसकी पत्नी की मांग सुनी कर दिया है साथ ही दो नाबालिग बच्चो की सर से बाप का साया छिन गया है। दो वर्ष से अधिक इलाज कराने में उसकी पुश्तैनी जमीन बिक गयी।
लाईनबाजार थाना क्षेत्र के हुसेनाबाद मोहल्ले के निवासी अरूण कुमार शुक्ला पुत्र स्व0 चद्रभूषण शुल्क 40 वर्ष किशोरा अवस्था से ही दोहरा खाने का आदी था। दोहरा खाने की वजह से उसका आहार नली पूरी तरह जाम हो गया था। दो वर्ष पूर्व उसका इलाज मुंबई स्थित टाटा कैंसर संस्थान किया गया। वहां के डाक्टरो ने आहार नली को काटकर फाईबर की नली लगा दिया था। जिसके कारण उसे कुछ राहत मिली थी। धीरे धीरे वह खाने पिने लगा था उसकी सेहत में कुछ सुधार आ गया था। लेकिन तीन माह पूर्व फिर से उसकी आहार नली शिकायत शुरू हो गयी। वह पुनः मुंबई जाकर डाक्टरो से चेकअप कराया तो डाक्टरो ने हालत खराब को देखते हुए इलाज करने से मना कर दिया। तब से लेकर आज तक वह जिन्दगी और मौत से जुझ रहा था। रविवार की देर रात आखिकार वह जिन्दगी की जंग हार गया। उसकी मौत से उसकी करीब 75 वर्षिय मां की गोद सूनी हो गयी उसकी पत्नी के मांग का सिंदुर धुल गया और एक बेटी एक बेटा अनाथ हो गये। इसके अलावा इलाज कराते कराते उसकी पुश्तैनी जमीन बिक गयी।
आज सूबर जब अरूण जनाजा घर से निकला तो पूरे मोहल्ले के लोगो की आंखो में आशू था ही साथ दोहरे का सेवन करने वाले लोगो ने आज से दोहरा न खाने की कस्मे खायी जिसने कसम नही खायी उसके बीबी बच्चे ने उससे दोहरा न खाने की कसम खिलवा लिया। अब देखना है कि इस कसम खाने वाला युवा अपनी और अपने बीबी बच्चो और मां बाप के लिए कसम के अनुसार दोहरे का त्याग करते है या नही।
लाईनबाजार थाना क्षेत्र के हुसेनाबाद मोहल्ले के निवासी अरूण कुमार शुक्ला पुत्र स्व0 चद्रभूषण शुल्क 40 वर्ष किशोरा अवस्था से ही दोहरा खाने का आदी था। दोहरा खाने की वजह से उसका आहार नली पूरी तरह जाम हो गया था। दो वर्ष पूर्व उसका इलाज मुंबई स्थित टाटा कैंसर संस्थान किया गया। वहां के डाक्टरो ने आहार नली को काटकर फाईबर की नली लगा दिया था। जिसके कारण उसे कुछ राहत मिली थी। धीरे धीरे वह खाने पिने लगा था उसकी सेहत में कुछ सुधार आ गया था। लेकिन तीन माह पूर्व फिर से उसकी आहार नली शिकायत शुरू हो गयी। वह पुनः मुंबई जाकर डाक्टरो से चेकअप कराया तो डाक्टरो ने हालत खराब को देखते हुए इलाज करने से मना कर दिया। तब से लेकर आज तक वह जिन्दगी और मौत से जुझ रहा था। रविवार की देर रात आखिकार वह जिन्दगी की जंग हार गया। उसकी मौत से उसकी करीब 75 वर्षिय मां की गोद सूनी हो गयी उसकी पत्नी के मांग का सिंदुर धुल गया और एक बेटी एक बेटा अनाथ हो गये। इसके अलावा इलाज कराते कराते उसकी पुश्तैनी जमीन बिक गयी।
आज सूबर जब अरूण जनाजा घर से निकला तो पूरे मोहल्ले के लोगो की आंखो में आशू था ही साथ दोहरे का सेवन करने वाले लोगो ने आज से दोहरा न खाने की कस्मे खायी जिसने कसम नही खायी उसके बीबी बच्चे ने उससे दोहरा न खाने की कसम खिलवा लिया। अब देखना है कि इस कसम खाने वाला युवा अपनी और अपने बीबी बच्चो और मां बाप के लिए कसम के अनुसार दोहरे का त्याग करते है या नही।

