15 अगस्त को मुक्ति पर्व के रूप में मनाते हैं निरंकारीः डा. सुरेश
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जौनपुर। भारतीय इतिहास में 15 अगस्त का दिन विशेष महत्व रखता है। निरंकारी जगत में यह ऐतिहासिक दिन मुक्ति पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन युगपुरूष अवतार सिंह, जगत माता बुद्धवन्ती सहित उन हजारों महात्माओं को याद किया जाता है जिन्होंने ब्रह्म ज्ञान की दिव्य ज्योति को प्रज्ज्वलित रखा और मानव मात्र को ब्रह्म ज्ञान द्वारा मुक्त कराने का अनुकरणीय कार्य किया। उक्त बातें मडि़याहूं पड़ाव पर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन के प्रांगण में आयोजित निरंकारी संत समूह को सम्बोधित करते हुये महात्मा डा. सुरेश सिंह ने कही। इसी श्रृंखला में सद्गुरूदेव जी ने शुभ कर्म, निःस्वार्थ सेवा, सादा जीवन और परोपकार की भावना को साकार करने के लिये कई रूपों में अपने आपको प्रकट किया। इस अवसर पर सुखदेव सिंह, श्याम लाल साहू, शिव प्रकाश, लकी, राजेश प्रजापति, जय प्रकाश, सुधा उपस्थित रहे। मंच का संचालन मीडिया प्रभारी उदय नारायण जायसवाल ने किया।नौपेड़वा संवाददाता के अनुसार निरंकारी मिशन के तत्वावधान में लाल प्रकाश पाल एडवोकेट के निर्देशन में मुक्ति पर्व दिवस मनाया गया। निरंकारी भवन नौपेड़वा में आयोजित कार्यक्रम में मनुष्य का मनुष्य धर्म निभाना, भाईचारा कायम रखना, नर पूजा नारायण पूजा आदि के बारे में बताते हुये बाबा हरदेव जी के बताये रास्ते पर चलने की शिक्षा दी गयी। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक सूर्य कुमार यादव, जनसंत योगी महात्मा सूबेदार यादव, गुनाई राम मौर्य, पारसनाथ पाल सहित अन्य उपस्थित रहे।
