नागपंचमी पर महिला पहलवानों ने दिखाया दम, लोग देखकर रह गए दंग
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वाराणसी। सावन का महीना शुरू होते ही चारों तरफ हर-हर महादेव
के जयकारे लगने लगे हैं। नागपंचमी के अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की
भीड़ उमड़ रही है। आज के दिन भक्त नाग देवता की पूजा करते हैं। वहीं, काशी
में इससे एक खास परंपरा भी जुड़ी हुई है। इस मौके पर शहर के अखाड़ों में
कुश्ती का आयोजन किया जाता है। खास बात ये है कि इन अखाड़ों में लड़कियां
भी अपना दमखम दिखाती हैं और ताकत की जोर आजमाइश करती हैं। वहीं, लोगों में
भी इन्हें देखने का जोश कम नहीं होता है।
वाराणसी के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय रामसिंह अखाड़े में महिला पहलवान नंदी
और मधु ने कुश्ती में दांव आजमाया। ये लड़कियां राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर
अपनी पहचान बना चुकी हैं। नंदी का कहना है कि कुश्ती खेल के साथ ही
आत्मरक्षा का भी बेहतर जरिया है। लड़कियां मुसीबत के समय आराम से किसी से
भी लोहा ले सकती हैं। वहीं, मधू ने बताया कि वे दूसरी लड़कियों को भी
ट्रेनिंग दे रही हैं और आत्मरक्षा के गुर सीखा रही हैं।
आयोजक मंडल के सदस्य नरसिंह यादव कहते हैं कि नागपंचमी के मौके पर कुश्ती लड़ने की सदियों पुरानी परंपरा है। हालांकि, अब इस खेल का रूप जिम ने ले लिया है। धीरे-धीरे अखाड़े सूने पड़ने लगे हैं। नरसिंह ने बताया कि इस अखाड़े में कुश्ती लड़ने दूर-दूर से पहलवान आते हैं। रामसिंह अखाड़े ने कई राष्ट्रिय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान दिए हैं और आज भी इस खेल को आगे में बढ़ाने में लगा हुआ है।
आयोजक मंडल के सदस्य नरसिंह यादव कहते हैं कि नागपंचमी के मौके पर कुश्ती लड़ने की सदियों पुरानी परंपरा है। हालांकि, अब इस खेल का रूप जिम ने ले लिया है। धीरे-धीरे अखाड़े सूने पड़ने लगे हैं। नरसिंह ने बताया कि इस अखाड़े में कुश्ती लड़ने दूर-दूर से पहलवान आते हैं। रामसिंह अखाड़े ने कई राष्ट्रिय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान दिए हैं और आज भी इस खेल को आगे में बढ़ाने में लगा हुआ है।

