रक्षासूत्र बांधकर बहनों ने लिया भाइयों से संकल्प
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जौनपुर। भाई बहन का पवित्र पर्व रक्षा बन्धन जिले में शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर बहनो ने अपने भाइयो के हाथो में रक्षा सूत्र बांधा। इसके बदले में भाइयो ने उनकी हर प्रकार की रक्षा तथा सुख-दुख में साथ देने का वचन दिया। घरो में स्वादिष्ट व्यजंन बने जिसका सभी ने आनन्द उठाया। आज सवेरे से ही घरो में इस पर्व की तैयारियां शुरू हो गयीं थी। पर्व नर सवेरे बिजली गायब रही। बहनो ने स्नान करने के उपरान्त पूजा की थाली सजाई जिसमें हल्दी, चन्दन, कुमकुम , दही, चावल, घी का दीपक मिष्ठान रखकर भाइयो की आरती उतारी एवं उनके कलाई पर राखी बांधा। भाइयो ने यथा शक्ति उन्हे रूपये व अन्य उपहार भेंट किये और सुख दुख में हर मौके पर खड़े रहकर रक्षा करने का वचन दिया। विवाहित बहनो ने अपने मायके जाकर भी राखी का पर्व मनाया जबकि भाइयो ने भी अपने बहन के घर जाकर कलाई पर राखी बंधवाया। कहा जाता है कि श्रावणी पूर्णिमा पर पड़ने वाला पावन प्रमुखपर्व रक्षाबन्धन है। एक बार देवो और दैत्यो में महारो मांचक भीषण युद्ध हुआ। इन्द्र पर गंभीर संकट आन पड़ा। इन्द्र की पत्नी शची परम पतिव्रता थी जो पार्वती, लक्ष्मी, सरस्वती, सति अनुसूइया, नर्वदा, सावित्री , सीता, उर्मिला, सुलोचना की कोटि में आती है। देवगुरू वृहस्पति ने कहा यदि परम सती शची नारायण कवच का आह्नान कर अपने पावन हाथो इन्द्र को रक्षासूत्र पहनाएं तो इन्द्र का बाल भी बांका नहीं होगा और वास्तव में वैसा ही हुआ तबसे रक्षाबन्धन अस्तित्व में आया जबकि जैन लोग मुनि विष्णु कुमार के उपलक्ष्य में राखी का पर्व मनाते हैं। इस पर्व को मुसलमान, ईसाई, यहूदी भी मनाते हैं। इसी प्रकार मडि़याहूं तहसील क्षेत्र में रक्षाबन्धन का वर्प धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने अपने भाइयों के कलाई पर राखी बांधकर अपनी रक्षा करने का संकल्प लिया और भाइयों ने उन्हे ऐसा करने का वादा किया। अनेक भाइयों ने अपने बहनों के ससुराल में जाकर राखी बंधवाई वही तमाम बहनों ने अपने मायके आकर भाइयों को इस पर्व पर राखी बांधी और उन्हे उपहार दिया गया।

