शिक्षक व पत्रकार दोनों होते हैं समाज के सजग प्रहरीः शशिमोहन सिंह
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समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार शशिमोहन सिंह क्षेम ने कहा कि शिक्षक और पत्रकार समाज के सजग प्रहरी होते हैं। शिक्षक राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका अदा करता है तो पत्रकार समाज को दर्पण दिखाने का काम करता है। लोहिया के पदचिन्हों पर चलने वाली सपा सरकार उनके आदर्शों को भूल गयी। जो गुरूओं को सम्मान न दे सके, वह सत्ता के लायक नहीं है।
इसी क्रम में विशिष्ट अतिथि शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में प्रदेश के 86.4 प्रतिशत छात्र वित्तविहीन विद्यालयों में अध्ययन कर रहे हैं। विडम्बना है कि इन छात्रों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को मानदेय देने का वादा करके सत्ता हासिल करने वाली सपा सरकार वादाखिलाफी पर उतर आयी है। उन्होंने कहा कि 4 सितम्बर को प्रदेश भर से 1 लाख शिक्षक लखनऊ पहुंचकर सरकार की नींद हराम कर देंगे।
महासभा के प्रदेश अध्यक्ष विजय त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्र को सुयोग्य नागरिक देने वाले शिक्षकों के बीच समाज केा आईना दिखाने वाले पत्रकारों को सम्मानित कर हम गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश महामंत्री छोटे लाल यादव ने सभा में आये प्रबध्ंाकों, प्रधानाचार्यों व शिक्षकों से 4 सितम्बर को विद्यालय बंद करके समस्त शिक्षक कर्मचारियों के साथ भारी संख्या में लखनऊ पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की बात कही।
इस दौरान जिले भर से आये दो दर्जन से अधिक पत्रकारों को अंगवस्त्रम् एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके पहले कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। तत्पश्चात् आयोजकों द्वारा मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष राजेश मिश्र एवं लोगों के प्रति आभार पत्रकार शरद सिंह ने ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विष्णु प्रताप सिंह, डा. रमेश चन्द्र वर्मा, अखिलेश सिंह, श्रद्धेय गुप्ता, लालजी यादव, अब्दुल हक अंसारी, विकास सिंह, प्रकाश चन्द्र पाल, आदेश सिंह, देवानन्द पटेल, रमेश सिंह, सुशील सिंह, प्रदीप वर्मा, श्यामधर मिश्र, श्याम शंकर पाण्डेय, संजय दूबे, ऋषिकेश त्रिपाठी, सत्य नारायण यादव, विनोद विश्वकर्मा, लालचन्द्र निषाद, उमेश गुप्ता, जगदीश चन्द्र गुप्ता सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
