दवा के व्यवसाय में फार्मासिस्ट थोपे जाने से है व्यवसायी आंदोलित
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जौनपुर। दवा व्यवसाय में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता के विरूद्ध केमिस्ट एण्ड कास्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले एकजुट हुये जनपद के दवा व्यवसाइयों को बुद्धिजीवियों सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न संगठनों से व्यापक समर्थन मिल रहा है। समाज के बुद्धिजीवी इस बात को लेकर सतत् प्रयास है कि नयी व्यवस्था से जीवनरक्षक एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता प्रभावित होगी और स्तर के समय सुलभ नहीं होगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डा. क्षितिज शर्मा का कहना है कि जरूरत के समय व स्थान पर दवाएं उपलब्ध होना आवश्यक है और यह तभी सम्भव है जब कस्बे व मोहल्लों तक अधिकृत मेडिकल स्टोर्स की श्रंृखला रहे। नयी व्यवस्था मौजूदा अवस्था को छिन्न-बिन्न करेंगी। उन्होंने सी.सी.डब्ल्य.ए. मुहिम को संगठन की तरफ से नैतिक समर्थन दिया है। वहीं नगर के अधिवक्ता संगठनों का चलाये जा रहे आंदोलन को समर्थन प्राप्त है। दीवानी अधिवक्ता संघ, औषधि संगठन द्वारा चलाये जा रहे आंदोलन को समाज के हित में बताया है। संगठन के सचिव जय प्रकाश सिंह एडवोकेट ने कहा कि औषधि सुलभता के लिये किये जा रहे संगठन के प्रयास सहरानीय है। इसके पूर्व यूपीएमएसआरए के अलावा दर्जनों संगठन आंदोलन को समर्थन दे चुके हैं। एसोसिएशन ने संगठन के जनपद के दवा व्यवसाइओं से अपील किया कि वे बुधवार को प्रातः 11 बजे जिलाधिकारी के ंकार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन को सफल बनायें।

