लोस व विस का टिकट देना उचित नहीं समझतीं पार्टियांः सुभाष अग्रहरि
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जौनपुर। अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री सुभाष चन्द्र अग्रहरि ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि जनपद की 45 लाख आबादी में लगभग 14 लाख वैश्य समाज विभिन्न उपजातियों में बंटा हुआ है लेकिन इसके बावजूद भी जनपद में वैश्य समाज का जो सम्मान मिलना चाहिये, वह नहीं मिल रहा है जबकि वर्ष 1952 से लेकर आज तक जनपद का एक भी सांसद, विधायक व एमएलसी नहीं हो पाया। श्री अग्रहरि ने बताया कि कोई भी राजनैतिक दल वैश्यों को लोकसभा व विधानसभा का टिकट देना उचित नहीं समझती है। यहां तक कि देश की आजादी के बाद वैश्य समाज के कुलभूषण महात्मा गांधी को अग्रज के रूप में मानने वाली कांग्रेस ने यहां पर जिलाध्यक्ष का पद भी नहीं दिया। अन्त में उन्होंने कहा कि वैश्य समाज को वरीयता के आधार पर पार्टियों का जिलाध्यक्ष बनाने व अनुपात के आधार पर वैश्य बाहुल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिये चुनावी टिकट दें।

