फिर कहर बरपाने लगा मौसम
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जौनपुर। कुल मिलाकर चार-छह दिन ही सावन में झमाझम बारिश हुई। इसके अलावा तो सब ओर सूखा ही सूखा। एक स्थान पर बारिश तो बगल के गांवों में बूंदाबांदी भी नहीं। इसका असर यह हो रहा है कि झमाझम बारिश के समय सूर्य की तल्ख किरणें परेशान करने लगी हैं। इन दिनों जनपद में कुछ ऐसा ही हाल देखने को मिल रहा है। इस तरह के मौसम को देखकर किसान एक बार फिर परेशान होने लगे हैं। मौसम का हाल इन दिनों लोगों की समझ से परे है। पूरा सावन बीत गया, लेकिन बारिश के नाम पर सिर्फ गिने-चुने कुछ ही दिन ही आसमानी पानी गिरा। हालांकि इसी बारिश से किसान प्रफुल्लित हो उठे और खेतों में पानी दिखने लगा था। इससे उनकी सूख रही धान की फसलों को नव जीवन मिल गया था। उसके बाद से तो फिर बारिश का अभाव हर ओर दिखने लगा है। इन दिनों हाल यह हो गया है कि सूर्य की तल्ख किरणों का वातावरण में साम्राज्य कायम है। दोपहर में चंद कदम चलने से ही लोगों का पसीना छूटने लगता है। उमस भरी गर्मी से न घर में चैन है और न ही बाहर। ऐसे में छोटे बच्चे, वृद्ध और मरीजों की शामत है। खेतों में भी मौसम का असर दिखने लगा है। पानी के अभाव में फसल सूखने की ओर अग्रसर हैं। रक्षाबंधन के साथ ही सावन का महीना भी समाप्त हो गया। अब भादो लग चुका है, किसानों को इस महीने में झमाझम बारिश की आस है। एक तो मौसम इस कदर तल्ख है कि उमस अधिक है। वहीं दूसरी ओर ऐसे में बिजली कटौती ने समस्या को बढ़ा दिया है। नियमित रोस्टर के अलावा लोकल फाल्ट की वजह से बिजली कटौती का जनपद में ग्राफ बढ़ गया है। नगर पंचायतों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अनियमित बिजली कटौती से हलकान हो रहे हैं।
