बगावत कर जीती प्यार की जंग, अब चुनावी मैदान में संभाला मोर्चा
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वाराणसी । मुंबई यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट पूजा तीन साल वाराणसी आईं
तो थी एक शादी समारोह में हिस्सा लेने, लेकिन उन्हें यहां अपना पहला प्यार
मिल गया। प्यार परवान चढ़ा तो घर से बगावत कर शादी कर ली। पूजा के पति आरजी
लाइन ब्लॉक से जिला पंचायत मेंबर हैं। इस बार यह सीट महिला कैंडिडेट्स के
लिए रिजर्व हो गई तो पूजा ने मोर्चा संभाल लिया है। प्यार के जंग में जीत
हासिल करने के बाद पूजा अब चुनावी मैदान में विजेता बनने का दावा कर रही
हैं।
पूजा के पति राज कुमार गुप्ता विकलांग हैं। यह उनकी दूसरी शादी है।
राज कुमार की पहली शादी 2010 में परिवार की रजामंदी से हुई थी। लेकिन
अप्रैल 2011 में किडनी फेल होने की वजह से पत्नी की मौत हो गई। कुछ दिनों
तक गम और उदासी का जीवन जीने के बाद राज कुमार ने हिम्मत बटोरी और समाज
सेवा में जुट गए। फिर राजनीति में उतरे और जिला पंचायत मेंबर चुने गए।
राज कुमार के जीजा की बहन की शादी में पूजा काशी के पंडितपुर गांव में
आईं थी। वहां दोनों की दोस्ती हुई। इसके बाद दोनों को फेसबुक और नजदीक ले
आया। धीरे-धीरे प्यार परवान चढ़ने लगा। राज कुमार ने 2014 में मुंबई जाकर
पूजा से शादी का फैसला किया। लेकिन परिवार के लोग तैयार नहीं हुए। पूजा
अप्रैल में पंडितपुर गांव अपने भाई की शादी में आई। परिवार से बगावत करके
17 तारीख को दोनों ने पहले मंदिर और फिर कोर्ट जाकर शादी कर ली।
तीन महीने साथ रहने के बाद पूजा पढ़ाई के लिए फिर मुंबई चली गई। इस
बीच उसे पता चला कि आराजी लाइन सेक्टर-2 से जिला पंचायत मेंबर की सीट महिला
के लिए रिजर्व हो गई। पूजा ने पति की राजनीतिक विरासत को संभालने का मन
बना लिया, लेकिन आठ अक्टूबर को अंतिम परीक्षा थी। पूजा ने अंतिम परीक्षा
देकर उसी दिन नए सफर पर निकलने का फैसला कर लिया। 10 अक्टूबर को नामांकन के
आखिरी दिन वाराणसी पहुंची। यहां राज कुमार ने सभी तैयारी कर रखी थी। पूजा
ने आते ही अपना पर्चा दाखिल कर दिया।
पूजा ने कहा, 'परिवार नहीं चाहती था कि राजनीती में आऊं। काफी विरोध
के बावजूद मैंने नामांकन करा लिया है। हां, वैसे ही जैसे शादी की थी, सबके
खिलाफ जाकर। मेरे पति ने इस इलाके में लोगों की सेवा की है। लोग चाहते हैं
कि हमारा प्रतिनिधित्व कायम रहे। मैं उनके काम को आगे बढ़ाऊंगी। खादी पहनी
है तो राजनीति से अपराधीकरण, पूंजीवाद, जातिवाद को खत्म करने के लिए काम
करूंगी।

