मीडिया के सामने अपना पक्ष रखने के मामले में जौनपुर के वर्तमान एसपी से ज्यादा दिलेर थी तीन पूर्व महिला पुलिस अधीक्षक
https://www.shirazehind.com/2015/10/blog-post_868.html
जौनपुर। जिले के पुलिस कप्तान मीडिया से दूरी बनाये हुए है खासकर इलेक्ट्रानिक मीडिया से। इसके पीछे उनकी क्या मंशा है यह तो वही जानते है। उनके इस रवैये से जनता तक पुलिस का पक्ष नही पहुंच पा रहा है। इस मामले पर एसपी का कहना है कि मौजूदा समय में पंचायत चुनाव चल रहा चुनाव को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए क्षेत्र का भ्रमण करना पड़ता है और जौनपुर का क्षेत्र फल काफी बड़ा है यहां की आबादी 45 लाख है ऐसे में जनता का फोन आता रहता है बीच बीच में नेताओ का काल भी आता है। इसी कारण से हम मीडिया से बात नही कर पाते है खासकर इलेक्ट्रानिक मीडिया को बाईट नही दे पा रहे है।
एसपी साहब यह सफाई देते समय यह भूल गये कि वे जौनपुर के पहले एसपी नही है न ही यहां पहलीबार चुनाव हो रहा है। इससे पूर्व भी यहां एसपी रहे है और पंचायत चुनाव भी हुआ जिले का क्षेत्र फल भी इतना था आबादी भी इसी के आसपास ही थी। इनके पूर्व के एसपी चुनाव की व्यस्तता के साथ साथ होने वाली घटनाओं के बारे में मीडिया के सामने खुलकर अपना पक्ष रखते थे। इस बीच यहां तीन महिला एसपी शचि घिडियाल मंजिल सैनी और हैप्पी गुप्तन ने अपना दो कार्यकाल पूरा किया है। ये तीनो महिला आईपीएस आफिसर के कार्यकाल में बड़ी बड़ी वारदाते हुई लेकिन इन महिलाओं ने इलेक्ट्रानिक मीडिया को बाईट देने में कोई परहेज नही किया। मंजिल सैनी के कार्यकाल में सपा मुखिया मुलायम सिंह के ज्योतिषि रमेश तिवारी की गोलीमारकर हत्या कर दी गयी थी। इस हत्याकाण्ड से पूरे प्रदेश के आलाधिकारी सहित तमाम नेता मंत्री दहल उठे थे। लेकिन एसपी मंजिल सैनी पूरे मुस्तैदी से इस हत्याकाण्ड का पर्दाफास किया। हत्या के समय से लेकर अंत तक मंजिल सैनी ने मीडिया से बातचीत करके अपना पक्ष रखी थी। शचि घिडियाल के समय भी कई जघन्य वारदाते हुई थी वो भी पत्रकारो से सीधे बात करती थी।
हैप्पी गुप्तन यहां की दो बार एसपी रही। उनकी दूसरी पारी में लोकसभा चुनाव हुआ। इस चुनाव में उन्होने तमाम व्यस्तता के बाउजूद भी मीडिया से बात करने में काई परहेज नही करती थी।
ये वर्तमान एसपी मीडिया से बात करना दूर की बात फोन तक उठाना मुनासिब नही समझते है। जबकि शासन का आदेश है कि प्रदेश के सभी डीएम और एसपी शाम पंाच बजे मीडिया से बात करके अपना पक्ष रखे।
एसपी साहब यह सफाई देते समय यह भूल गये कि वे जौनपुर के पहले एसपी नही है न ही यहां पहलीबार चुनाव हो रहा है। इससे पूर्व भी यहां एसपी रहे है और पंचायत चुनाव भी हुआ जिले का क्षेत्र फल भी इतना था आबादी भी इसी के आसपास ही थी। इनके पूर्व के एसपी चुनाव की व्यस्तता के साथ साथ होने वाली घटनाओं के बारे में मीडिया के सामने खुलकर अपना पक्ष रखते थे। इस बीच यहां तीन महिला एसपी शचि घिडियाल मंजिल सैनी और हैप्पी गुप्तन ने अपना दो कार्यकाल पूरा किया है। ये तीनो महिला आईपीएस आफिसर के कार्यकाल में बड़ी बड़ी वारदाते हुई लेकिन इन महिलाओं ने इलेक्ट्रानिक मीडिया को बाईट देने में कोई परहेज नही किया। मंजिल सैनी के कार्यकाल में सपा मुखिया मुलायम सिंह के ज्योतिषि रमेश तिवारी की गोलीमारकर हत्या कर दी गयी थी। इस हत्याकाण्ड से पूरे प्रदेश के आलाधिकारी सहित तमाम नेता मंत्री दहल उठे थे। लेकिन एसपी मंजिल सैनी पूरे मुस्तैदी से इस हत्याकाण्ड का पर्दाफास किया। हत्या के समय से लेकर अंत तक मंजिल सैनी ने मीडिया से बातचीत करके अपना पक्ष रखी थी। शचि घिडियाल के समय भी कई जघन्य वारदाते हुई थी वो भी पत्रकारो से सीधे बात करती थी।
हैप्पी गुप्तन यहां की दो बार एसपी रही। उनकी दूसरी पारी में लोकसभा चुनाव हुआ। इस चुनाव में उन्होने तमाम व्यस्तता के बाउजूद भी मीडिया से बात करने में काई परहेज नही करती थी।
ये वर्तमान एसपी मीडिया से बात करना दूर की बात फोन तक उठाना मुनासिब नही समझते है। जबकि शासन का आदेश है कि प्रदेश के सभी डीएम और एसपी शाम पंाच बजे मीडिया से बात करके अपना पक्ष रखे।

