स्काउट गाईड गुरुजन को दिया गया प्रशिक्षण
https://www.shirazehind.com/2015/12/blog-post_175.html
जौनपुर।वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राजा श्री कृष्ण दत्त स्नात्कोत्तर महाविद्यालय के मैदान पर चल रहे 7 दिवसीय बेसिक कोर्स फाॅर रोवर्स लीडर/रेंजर्स लीडर प्रशिक्षण शिविर के पाॅचवे दिन प्रदीप कुमार गुप्ता (एल0ओ0सी0) ने शिविरार्थियों का प्रशिक्षण दिया। कोर्स में सर्वप्रथम उन्होंने ध्वजारोहण कैसे किया जाता है बताया और रेंजर द्वारा ध्वजारोहण किया गया। उन्होंने बताया कि कैम्प ध्वजारोहण से प्रारम्भ होकर ध्वज अवतरण चलता है। सैल्यूट, हाथ मिलाना, प्रार्थना, झण्डा गीत होता है और जौनपुर के ऐतिहासिक स्थलों शाही किला, बड़ी मस्जिद, अटाला मस्जिद का भी भ्रमण कराया। शाही किले पर जाकर बिना बर्तन के भोजन बनाना, टेन्ट निर्माण का कार्य के प्रशिक्षण दिये गये। प्रदीप गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रशिक्षण से समाज सेवा, राष्ट्र सेवा, भाई-चारा तथा आपसी सहयोग का भाव विकसित होता है।
सहायक प्रशिक्षक डाॅ0 घनश्याम दूबे ने शिविर दिनचर्या पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शिविर के माध्यम से सुनियोजित जीवन जीने की कला आती है।
विश्वविद्यालय संयोजक और शिविर आयोजक डाॅ0 राघवेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि स्काउटिंग से देश-प्रेम की भावना का विकास होता है और परिस्थितियों में कार्य करने का गुण कैसे किया जाय का ज्ञान होता है और प्राकृतिक आपदा आने पर ये प्रशिक्षणार्थी का सेवा का कार्य करते है। साथ ही युवा वर्ग को समाज और राष्ट्र के निर्माण कार्यो में लगाया जा सकता है।
सह-संयोजक डाॅ0 मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि शिविर से प्रशिक्षण पाकर ये सभी शिविरार्थी टीम का सफल संचालन करते है।
इस अवसर पर डाॅ0 त्रिपुरारी उपाध्याय, डाॅ0 सुबाष सिंह, डाॅ0 सन्तोष सिंह, डाॅ0 शम्भूशरण, डाॅ0 नीता शरण, डाॅ0 राजीव त्रिपाठी, राकेश कुमार मिश्रा (डी0ओ0सी0), भरत सिंह, अंजनी तिवारी, डाॅ0 जान्हवी श्रीवास्तव, डाॅ0 नीलम राय, प्रदीप राय, सुधाकर शुक्ला, मनोज ‘निराला’ सहित सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।
सहायक प्रशिक्षक डाॅ0 घनश्याम दूबे ने शिविर दिनचर्या पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शिविर के माध्यम से सुनियोजित जीवन जीने की कला आती है।
विश्वविद्यालय संयोजक और शिविर आयोजक डाॅ0 राघवेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि स्काउटिंग से देश-प्रेम की भावना का विकास होता है और परिस्थितियों में कार्य करने का गुण कैसे किया जाय का ज्ञान होता है और प्राकृतिक आपदा आने पर ये प्रशिक्षणार्थी का सेवा का कार्य करते है। साथ ही युवा वर्ग को समाज और राष्ट्र के निर्माण कार्यो में लगाया जा सकता है।
सह-संयोजक डाॅ0 मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि शिविर से प्रशिक्षण पाकर ये सभी शिविरार्थी टीम का सफल संचालन करते है।
इस अवसर पर डाॅ0 त्रिपुरारी उपाध्याय, डाॅ0 सुबाष सिंह, डाॅ0 सन्तोष सिंह, डाॅ0 शम्भूशरण, डाॅ0 नीता शरण, डाॅ0 राजीव त्रिपाठी, राकेश कुमार मिश्रा (डी0ओ0सी0), भरत सिंह, अंजनी तिवारी, डाॅ0 जान्हवी श्रीवास्तव, डाॅ0 नीलम राय, प्रदीप राय, सुधाकर शुक्ला, मनोज ‘निराला’ सहित सभी प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।

