न्याय की आड़ में किसी गरीब मजलूम व्यक्ति को सताना नहीं चाहिए: राजीव माहेश्वरी
https://www.shirazehind.com/2016/01/blog-post_277.html
बरसठी। न्याय की आड़ में किसी गरीब मजलूम व्यक्ति को सताना नहीं चाहिए। और हर व्यक्ति को चाहिए कि जुर्म नहीं करना चाहिए न तो जुर्म सहना चाहिए। हिन्दूु मुस्लिम के नाम पर दो व्यक्तियों के झगड़े को समुदाय में नहीं दिखाना चाहिए। यह बात रामपुर विकास खण्ड के बासुपुर गांव में प्राइमरी पाठशाला पर आयोजित विधिक साक्षरता जागरूकता षिविर में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव राजीव माहेश्वरी ने बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि कानूनी रूप से किसी व्यक्ति का अधिकार नहीं है कि वह अपनी बेटी, बहु, पत्नी को मारे। अगर ऐसा किसी परिवार में होता है तो सम्बन्धित व्यक्ति अपने ग्राम प्रधान, थाने के दरोगा अथवा प्राधिकरण के तहसील ईकाइ्र्र के सचिव तहसीलदार को सूचना दे उस पर अवष्य कार्यवाही होगी। परम्परा में किसी को भी मारने पीटने का अधिकार गलत है और यह कानून भी नहीं कहता। आज समाज को बदलने की जरूरत है। संविधान में दलितों को विषिश्ट अधिकार दिया गया है। छुआछुत को जाति के आधार पर भेदभाव न करें। नही तो यह संज्ञेय अपराध के श्रेणी में आ जाएगा। उन्होंनें उपस्थित बच्चों से कहा कि सात वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चों का पढ़ना कानूनी अधिकार है इसे अभिभावक न छीने। स्कूलों में अगर जाति के आधार पर पढ़ाई की जाती है तुरन्त सूचना विधिक प्राधिकरण को दे जिस पर तुरन्त कार्यवाही किया जाएगा। उपस्थित लोगों को बताया कि कानून में गरीब मजलूमों, मजदूरों को अपने अन्याय के खिलाफ न्याय पाने के लिए विधिक प्राधिकरण मुफत वकील की भी व्यवस्था देता है जो बिना किसी फीस के यह लड़ाई लड़ेगा। लेकिन उन्होनें सुझाव दिया कि किसी के बढ़ते कदम को ज्वलन की आख्ंा से देखकर उस पर मुकदमा न करें अन्यथा प्राधिकरण इसमें आपकों न्याय नहीं दिला पाएगा। इसके लिए पीडि़त व्यक्ति केवल एक प्रार्थना पत्र प्राधिकरण के सचिव तहसील ईकाई के तहसीलदार को दे सकता है।
इस अवसर पर सिविल जज जौनपुर राजीव कुमार पालिवाल ने कहा कि विधिक प्राधिकरण निःषक्त जनों एवं पीडि़त गरीब महिलाओं के न्याय को पाने के लिए लड़ाई लड़ती है। जिसमें बिना किसी भेदभाव के निःषुल्क पैरवी करने के लिए वकील देगा। कहा कि नागरिकों को न्यायपालिका में विष्वास रखना चाहिए और इसी विष्वास को बढ़ाने के लिए प्राधिकरण का यह कदम लोगों के लिए सराहनीय है। बच्चों को स्कूलों में मिडडेमिल देना कानूनी अधिकार इसे कोई न छीनें।
मडि़याहू तहसील ईकाई विधिक प्राधिकरण के नवनियुक्त सचिव तहसीलदार रामजीत मौर्या ने बताया कि हर गरीबों सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। न्याय को न्याय की तरह पाने पर अपराध का बोध नहीं हो पाता। उन्होने बताया कि तहसील में हर गांव सरकार ने आम आदमी बीमा योजना के तहत निःषुल्क बीमा हो रहा है। इसमें ऐसे गरीब व्यक्ति है जो पूरी तरह से भूमिहीन है। ऐसे व्यक्तियों को इस बीमा के तहत तीस हजार रूपये स्वभाविक मौत एवं आकस्मिक दुर्घटना या मृत्यु पर 75 हजार रूपये की तुरन्त सहायता दी जाएगी। जिसका लाभ तहसील में बीमा फार्म भरकर ले सकते है।
जागरूकता षिविर की अध्यक्षता जिला सिविल जज राजीव कुमार पालिवाल एवं संचालन डाक्टर अरूण कुमार उपाध्याय ने किया। षिविर में तहसीलदार रामजीत मौर्या, दिलीप कुमार सिंह, राजबहादुर यादव, अषोक यादव, श्रीरामजायसवाल, प्रधान कमला षंकर, कैलाष यादव आदि रहे।
उन्होंने कहा कि कानूनी रूप से किसी व्यक्ति का अधिकार नहीं है कि वह अपनी बेटी, बहु, पत्नी को मारे। अगर ऐसा किसी परिवार में होता है तो सम्बन्धित व्यक्ति अपने ग्राम प्रधान, थाने के दरोगा अथवा प्राधिकरण के तहसील ईकाइ्र्र के सचिव तहसीलदार को सूचना दे उस पर अवष्य कार्यवाही होगी। परम्परा में किसी को भी मारने पीटने का अधिकार गलत है और यह कानून भी नहीं कहता। आज समाज को बदलने की जरूरत है। संविधान में दलितों को विषिश्ट अधिकार दिया गया है। छुआछुत को जाति के आधार पर भेदभाव न करें। नही तो यह संज्ञेय अपराध के श्रेणी में आ जाएगा। उन्होंनें उपस्थित बच्चों से कहा कि सात वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चों का पढ़ना कानूनी अधिकार है इसे अभिभावक न छीने। स्कूलों में अगर जाति के आधार पर पढ़ाई की जाती है तुरन्त सूचना विधिक प्राधिकरण को दे जिस पर तुरन्त कार्यवाही किया जाएगा। उपस्थित लोगों को बताया कि कानून में गरीब मजलूमों, मजदूरों को अपने अन्याय के खिलाफ न्याय पाने के लिए विधिक प्राधिकरण मुफत वकील की भी व्यवस्था देता है जो बिना किसी फीस के यह लड़ाई लड़ेगा। लेकिन उन्होनें सुझाव दिया कि किसी के बढ़ते कदम को ज्वलन की आख्ंा से देखकर उस पर मुकदमा न करें अन्यथा प्राधिकरण इसमें आपकों न्याय नहीं दिला पाएगा। इसके लिए पीडि़त व्यक्ति केवल एक प्रार्थना पत्र प्राधिकरण के सचिव तहसील ईकाई के तहसीलदार को दे सकता है।
इस अवसर पर सिविल जज जौनपुर राजीव कुमार पालिवाल ने कहा कि विधिक प्राधिकरण निःषक्त जनों एवं पीडि़त गरीब महिलाओं के न्याय को पाने के लिए लड़ाई लड़ती है। जिसमें बिना किसी भेदभाव के निःषुल्क पैरवी करने के लिए वकील देगा। कहा कि नागरिकों को न्यायपालिका में विष्वास रखना चाहिए और इसी विष्वास को बढ़ाने के लिए प्राधिकरण का यह कदम लोगों के लिए सराहनीय है। बच्चों को स्कूलों में मिडडेमिल देना कानूनी अधिकार इसे कोई न छीनें।
मडि़याहू तहसील ईकाई विधिक प्राधिकरण के नवनियुक्त सचिव तहसीलदार रामजीत मौर्या ने बताया कि हर गरीबों सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। न्याय को न्याय की तरह पाने पर अपराध का बोध नहीं हो पाता। उन्होने बताया कि तहसील में हर गांव सरकार ने आम आदमी बीमा योजना के तहत निःषुल्क बीमा हो रहा है। इसमें ऐसे गरीब व्यक्ति है जो पूरी तरह से भूमिहीन है। ऐसे व्यक्तियों को इस बीमा के तहत तीस हजार रूपये स्वभाविक मौत एवं आकस्मिक दुर्घटना या मृत्यु पर 75 हजार रूपये की तुरन्त सहायता दी जाएगी। जिसका लाभ तहसील में बीमा फार्म भरकर ले सकते है।
जागरूकता षिविर की अध्यक्षता जिला सिविल जज राजीव कुमार पालिवाल एवं संचालन डाक्टर अरूण कुमार उपाध्याय ने किया। षिविर में तहसीलदार रामजीत मौर्या, दिलीप कुमार सिंह, राजबहादुर यादव, अषोक यादव, श्रीरामजायसवाल, प्रधान कमला षंकर, कैलाष यादव आदि रहे।

