शिक्षा समाज के लिए दर्पण होता है : राजबहादुर यादव
https://www.shirazehind.com/2016/02/blog-post_959.html
बरसठी। जिप अध्यक्ष राजबहादुर यादव ने कहा कि शिक्षा समाज के लिए दर्पण
होता है। विद्यालय बनाना सबसे बड़ा कार्य है। गांव समाज को देने के लिए
विद्यालय एक ऐसा साधन है जो दुनिया में नाम देता है। छात्र इस विद्यालय से
आशा करता हू कि अच्छी शिक्षा प्राप्त करें। शिक्षा संस्कृति एवं संस्कार की
धरती है जौनपुर। सत्संग से अच्छी विचार बनते है और उसके सुनने से संस्कार
बनते है। उन्होंने कहा कि हम कुबेर नहीं है आप लोग कुबेर बने है। जब बड़ा
जनपद होगा समस्याएं रहेगी। दमोदरा के विकास के लिए हम सहयोग करेगे।
विशिष्ट अतिथि विधायक श्रद्धा यादव ने कहा कि ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के लिए बधाई देती हूं। मन्दिर की तरह विद्यालय होता है जिसमें शिक्षक भगवान होता है और छात्र भक्त होते है। गांव की समस्या को पूरा करना हमारा धर्म है और पूरा भी होगा। जिप अध्यक्ष श्री यादव बहुत ही अच्छे है उनकी अच्छाई इसी से मालुम होता है कि इनकी टिकट के लिए किसी ने विरोध नहीं किया। और ये जनपद के लिए धन कुबेर है जिनकी कृपा मड़ियाहूं विस में बरसती रहे। वरिष्ट पत्रकार ओम प्रकाश सिहं ने कहा कि शिक्षा आज की जरुरत है लेकिन अगर कही भ्रष्टाचार है तो सबसे ज्यादा शिक्षा में है। वैसी शिक्षा नहीं देना चाहिए।
कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि जिप अध्यक्ष ने फीता काट एवं सरस्वती की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर दर्जनों वयोवृद्ध अवकाश प्राप्त अध्यापकों को गीता नारियल एवं शाल भेटकर स्वागत किया गया। स्वागत गीत रविन्द्र ज्योति, इन्दू यादव गाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता त्रिलोकी नाथ दूबे और संचालन राम आसरे सिंह ने किया। कार्यक्रम में ललित सिंह,चन्द्रेश सिंह, बृजराज सिंह, रविन्द्र सिंह, बीरेंन्द्र, मंगला सिंह आदि उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि विधायक श्रद्धा यादव ने कहा कि ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के लिए बधाई देती हूं। मन्दिर की तरह विद्यालय होता है जिसमें शिक्षक भगवान होता है और छात्र भक्त होते है। गांव की समस्या को पूरा करना हमारा धर्म है और पूरा भी होगा। जिप अध्यक्ष श्री यादव बहुत ही अच्छे है उनकी अच्छाई इसी से मालुम होता है कि इनकी टिकट के लिए किसी ने विरोध नहीं किया। और ये जनपद के लिए धन कुबेर है जिनकी कृपा मड़ियाहूं विस में बरसती रहे। वरिष्ट पत्रकार ओम प्रकाश सिहं ने कहा कि शिक्षा आज की जरुरत है लेकिन अगर कही भ्रष्टाचार है तो सबसे ज्यादा शिक्षा में है। वैसी शिक्षा नहीं देना चाहिए।
कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि जिप अध्यक्ष ने फीता काट एवं सरस्वती की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर दर्जनों वयोवृद्ध अवकाश प्राप्त अध्यापकों को गीता नारियल एवं शाल भेटकर स्वागत किया गया। स्वागत गीत रविन्द्र ज्योति, इन्दू यादव गाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता त्रिलोकी नाथ दूबे और संचालन राम आसरे सिंह ने किया। कार्यक्रम में ललित सिंह,चन्द्रेश सिंह, बृजराज सिंह, रविन्द्र सिंह, बीरेंन्द्र, मंगला सिंह आदि उपस्थित रहे।

