विनय सिंह ने निकाली भड़ास कहा पार्टी के दो नेता कर रहे भाजपा का मटियामेट
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जौनपुर। भाजपा से निष्काषित किये गये विनय कुमार सिंह ने आज पार्टी के दो नेताओ के खिलाफ ताल ठोक दिया है। उन्होने प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष शुक्ल और जिला अध्यक्ष सुशील उपाध्याय के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। विनय ने दोनो नेताओ पर सीधा आरोप लगाया कि ये दोनो नेता मेरी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर मुझ पर झूठा इल्जाम लगवाकर पार्टी से बाहर करवाने का काम किया है। विनय ने सीना ठोककर कहा कि हम भाजपा के सच्चे सिपाही था हू और रहंूगा । श्री सिंह ने कहा कि मुझे किस इल्जाम में बाहर किया गया है उसका न तो कोई नोटिस दिया है न ही निष्काषन लेटर मिला है। मीडिया के माध्यम से मुझे पता चला है। हलांकि पार्टी से बाहर किये जाने की प्रक्रिया को असवैधानिक भी बताया है।
विनय अपनी भड़ास निकालने में कोई चूक नही किया उन्होने कहा कि मैने एमएलसी पद के उम्मीद्वार के दावेदारी किया था लेकिन जिला अध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने मेरे आवेदन को फाड़ फेका और पैसा लेकर सपा नेता सतीश सिंह को प्रत्याशी बना दिया। विनय ने दोनो सांसदो पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन सांसदो के क्षेत्र में कई ब्लाको पर सपा के निर्दल प्रत्याशी ब्लाक प्रमुख चुने गये जबकि मै शासन सत्ता के विरूध लड़कर अपनी पत्नी माण्डवी सिंह को ब्लाक प्रमुख बनाकर यह सीट भाजपा की झोली में डालने का काम किया है। इतना ही नही मैने दिन रात एक करके सात हजार से अधिक सदस्य बनाने का काम किया। जिला अध्यक्ष ने जमीनी नेताओ द्वारा बनाये सदस्यो को मुंबई और दिल्ली के तथाकथित नेताओ से पैसा लेकर उन्हे बेच दिया है। विनय ने साफ कहा कि ये दोनो नेता पार्टी हित में नही बल्की स्वयं हित में कार्य कर रहे है। जिसका परिणाम है कि कल तक सपा का झण्डा ढ़ोने वाले सतीश सिंह से पैसा लेकर प्रत्याशी बनाया गया।
विनय अपनी भड़ास निकालने में कोई चूक नही किया उन्होने कहा कि मैने एमएलसी पद के उम्मीद्वार के दावेदारी किया था लेकिन जिला अध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने मेरे आवेदन को फाड़ फेका और पैसा लेकर सपा नेता सतीश सिंह को प्रत्याशी बना दिया। विनय ने दोनो सांसदो पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इन सांसदो के क्षेत्र में कई ब्लाको पर सपा के निर्दल प्रत्याशी ब्लाक प्रमुख चुने गये जबकि मै शासन सत्ता के विरूध लड़कर अपनी पत्नी माण्डवी सिंह को ब्लाक प्रमुख बनाकर यह सीट भाजपा की झोली में डालने का काम किया है। इतना ही नही मैने दिन रात एक करके सात हजार से अधिक सदस्य बनाने का काम किया। जिला अध्यक्ष ने जमीनी नेताओ द्वारा बनाये सदस्यो को मुंबई और दिल्ली के तथाकथित नेताओ से पैसा लेकर उन्हे बेच दिया है। विनय ने साफ कहा कि ये दोनो नेता पार्टी हित में नही बल्की स्वयं हित में कार्य कर रहे है। जिसका परिणाम है कि कल तक सपा का झण्डा ढ़ोने वाले सतीश सिंह से पैसा लेकर प्रत्याशी बनाया गया।


vinay bhaiya ji aap DHANNJAY JI group k mane jate hai aap ne apne poster me unki pic bhi lgai haiar es samy dhannjay ji prinhu ji k samartyhan me khulle taur par aa gye hai hai to to hum kaise mann le ki aap kliske satthh hai
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