समाज सेवा करने के उद्देश्य से बना आई ए एस अफसर : डॉ 0 सौरभ सिंह
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जौनपुर। मंगलवार को आये आईएएस परीक्षा परिणाम में जौनपुर के तीन मेधावी छात्रो ने बाजी मारी है। आईएएस अफसर बनने वालो दो एमबीबीएस डाक्टर है तीसरा इंजीनियर है। ये तीनो लोग अपने अपने कार्यो का निर्वाह करते हुए आईएएस बनने का सपना सजोए तैयारी कर रहे थे जिसके कारण उन्हे यह सफलता मिली है। आज तीनो लोगो के घरो पर ईद और दिवाली एक साथ मनायी जा रही है।
शिराज ए हिन्द की सरजमी जौनपुर शर्की शासनकाल से ही शिक्षा का बहुत बड़ा केन्द्र रहा है। शिक्षा का स्तर ऊंचा होने के कारण हर वर्ष होने वाले आईएएस पीसीएस परीक्षा परिणाम में इस जिले के प्रतिभावान छात्र बाजी मारते चले आ रहे है। मंगलवार को आये परिणाम में तीन छात्रो ने बाजीमारी है। इस वर्ष के आये परिणाम में सौरभ सिंह को सामान्य वर्ग में 46 वीं रैंक प्राप्त किया है। सौरभ शुरू से ही पढ़ाई तेज था। वे अपनी मेहनत की बदौलत एमबीबीएस करने करने के बाद दिल्ली के एम्स में रेजिडेंट डाक्टर पर तैनात हुए। सौरभ ने कहा कि मै इण्टर का छात्र था तभी से मेरे अंदर गरीबो मजलूमो की सेवा करने की भावना रही है। यही उद्देश्य लेकर मै पढ़ाई करता रहा। एमबीबीएस और एमडी करने के बाद दिल्ली के एम्स में रेजिडेंट डाक्टर पद पर तैनात होकर मरीजो का इलाज करने लगा। लेकिन मेरे अंदर की समाजसेवा की भावना ने मुझे हमेशा प्रेरेरित करती है। तब मैने सोचा डाक्टर रहते हुए समाज सेवा नही कर सकता। एक मैने फसला किया कि प्रशासनिक अफसर बनकर ही सेवा कर सकता हूं। इसी उद्देश्य से मैने आईएएस की तैयारी शुरू किया जिसका परिणाम आज सामने है।
इस परीक्षा को पास करने वाली दूसरी मेधावी छात्रा है प्रियंका सिंह भी पढ़ाई पूरी करने के बाद एमबीबीएस एमडी डाक्टर बनने के बाद आईएएस की परीक्षा में पहलीबार शामिल हुई उन्हे सामान्य वर्ग में 262 वीं रैंक प्राप्त हुआ है।
तीसरे आईएएस अफसर बने है मोहम्मद कासिम आब्दी। कासिम जौनपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद बीएचयू से आईआईटी किया था उसके बाद तैयारी शुरू किया आब्दी को यह सफलता 6 वें प्रयास के बाद मिली है।
सफल हुए छात्रो के मां बाप नाते रिश्तेदार सभी ऐसी खुशी मिली है जो दिल में नही समा रही है।
तीसरे आईएएस अफसर बने है मोहम्मद कासिम आब्दी। कासिम जौनपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद बीएचयू से आईआईटी किया था उसके बाद तैयारी शुरू किया आब्दी को यह सफलता 6 वें प्रयास के बाद मिली है।
सफल हुए छात्रो के मां बाप नाते रिश्तेदार सभी ऐसी खुशी मिली है जो दिल में नही समा रही है।


