अधिकारियो द्वारा उपेक्षा किये जाने से नाराज एक फरियादी आत्महत्या करने के लिए चढ़ा पेड़ पर
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जौनपुर। आज ग्राम प्रधान द्वारा गांव के विकास में की जा रही धांधली और अपना रास्ता अवरुद्ध किये जाने के विरोध में पिछले पांच दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठा एक व्यक्ति अधिकारियो द्वारा कोई सुनवाई न करने से नाराज होकर अनशनकारी व्यक्ति अपनी जान देने की नियत से डीएम कोर्ट के सामने स्थित एक विशाल नीम के पेड़ पर चढ़ गया। इसकी जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे का हाथ पांव फूल गया। मौके एडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक समेत भारी पुलिस फ़ोर्स पहुँच गई। एडीएम उसकी सारी मांगे पूरी करने का आश्वासन देकर उसे मना लिया। अपर जिलाधिकारी के आश्वासन पर वह करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा करने के बाद पेड़ से उतरने को तैयार हुआ।
जौनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित नीम के पेड़ पर चढ़ा यह व्यक्ति पवारा थाना क्षेत्र मुड़ाव गांव का निवासी भानु प्रताप सिंह है। इसका आरोप है कि मेरा गांव लोहिया गांव में चयनित है गांव प्रधान सारी योजनाओं का लाभ अपने करीबियों को दे रहा है ग्राम सभा के तालाब पर गांव के दबंग लोग कब्जा कर रहे है मेरे द्वारा विरोध करने पर मेरा रास्ता अवरोध करके उस पर कटीले पेड़ लगा दिया गया साथ में मेरी न`नाली भी पाट दिया गया जिसके कारण गन्दा पानी एकत्रित होकर कुएं के पानी को प्रदूषित हो गया है। भानुप्रताप का आरोप है कि इसकी शिकायत मैंने दो बार एसडीएम से किया उसके बाद भी कोई कर्यवाही नहीं हुई तो तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया तो वह भी कूड़े दान में चला गया। मैं न्याय पाने के लिए पिछले पांच दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठा था इसके बाद भी मेरी किसी अधिकारी ने सुध नहीं लिया तो मैं आत्महत्या करने के लिए पेड़ पर चढ़ गया।
इसकी जानकारी मिलते ही अपर जिलाधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक समेत कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद सारे अधिकारी अपना अपना चेंबर छोड़कर मौके पर पहुंचकर उसे पेड़ से उतरने के लिए कहने लगे। करीब एक घंटे बाद वह एडीएम के आश्वासन पर पेड़ से उतरने को तैयार हुआ। मौके पर फायर विभाग की सीढ़ी के सहारे उतारा गया। एडीएम उमाकांत त्रिपाठी कहा कि इनकी शिकायतों की जाँच कराकर कार्यवाही की जायेगी साथ में पेड़ पर चढ़कर इस तरह का कृत्य करने के मामले में मुकदमा दर्ज कराया जायेगा।
