चकबन्दी में धांधली से कही हो न जाय बवाल
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जौनपुर। जिले के धर्मापुर विकास खण्ड अन्तर्गत चल रही लगभग एक दर्जन गांवों में चकबन्दी प्रक्रिया में गड़बड़ी के चलते परस्पर फौजदारी जैसा माहौल हर गांवों में हो रहा है। चकबन्दी के अहलकार एसीओ, कानूनगों और लेखपाल पैमाइश करके चकों का सीमांकन कर दे रहे हैं। बीस प्रतिशत दबंग और झगड़ालू लोग इस सीमांकन को मान ही नहीं रहे हैं और खूॅटा उखाड़ कर फेंकर दे रहे हैं। इमलो गांव में गत दिनों एक व्यक्ति ने यह कहकर खॅूटा उखाड़ दिया कि हम इस पैमाइश को नहीं मानेंगे। परेशान सत्यनारायण उर्फ गुड्डड्ढू ने चकबन्दी अधिकारी के यहॉ दरखास्त दिया और अपनी परेशानी बताया तो चकबन्दी अधिकारी ने थानाध्यक्ष जफराबाद को पत्र लिखा जिसे कानूनगो ने स्वयं जाकर थाने पर दिया। पुलिस बल के आने पर फिर पैमाइश कर सीमांकन किया गया। पुलिस ने दोनों पक्ष से एक पत्र पर हस्ताक्षर कराकर समझाया कि हमें फिर न आना पड़े। इसी गांव में छुन्ने डाक्टर की परेशानी है कि इन्होंने आपसी समझौते से चक की अदलाबदली कर लिया है। दोनों पक्षों का बयान भी हो गया है वकीलों द्वारा बहस के बाद सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी हो गया है लेकिन पेशकार के यहां से सीओ तक पत्रावली ही नहीं पहुंच पा रही है। पूर्व प्रधान अपने खानदान वालों की चक पर खुद बैठ गए हैं। कुछ एक एयर जमीन अभिमन, साजू, अर्जुन आदि कभी सीओ के यहां आपत्ति के लिए दौड़ रहे हैं कभी उनके दरवाजे पर आकर गाली-गलौज दे रहे हैं लेकिन पूर्वप्रधान ने अपना काम कर लिया है। ध्र्रुव विश्वकर्मा की बैनामा व तर्मीन शुदा जमीन की पैमाइश ही उनके बैनामा करने वाली दो पट्टड्ढीदारों ने रोक दिया था। कहा कि अगर कानूनगो और लेखपाल नाप करने आयेंगे तो गोली मार दी जाएगी। मामला महीनों लटका रहा। अन्त में 14 जुलाई को सीओ के पत्र पर थानाध्यक्ष ने दो दरोगा और पुलिस बल को भेजा तो पैमाइश कराकर सीमांकन किया जा सका। इसी के बगल मोहम्मदपुर गांव में तमाम झगड़े हैं। अनायास दर्जनभर चकरोड छोड़ दिया गया है। पूर्व प्रधान पारसनाथ पांडेय का पम्पसेट चकबन्दी अहलकारों ने केशव दूबे के चक में डाल दिया और उसकी मालियत भी नहीं लगाया। अर्जुन पाण्डेय व अनिल पाण्डेय की चक का रकबा कम पड़ रहा था जब पैमाइश हुई तो वह बगले की रामबली व सूर्यबली के चक में लगभग आठ विस्वा निकला। चकबन्दी अहलकारों ने सीमांकन करके खॅूटा उखड़वा दिया किन्तु कुछ दबंगों ने सूर्यबली पीठ ठोककर खॅूटा उखड़वाकर पुरानी स्थिति में मक्का की बुवाई करा दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण है कि कभी भी कोई अप्रिय वारदात हो सकती है। इसी प्रकार के हालात उत्तरगांवा के अहिरान, कोइरान, मलहान बस्ती, सोनकर बस्ती और मुसहरिया में भी है।
