पशु विभाग का दावा हुआ हवा हवा
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मछलीशहर। प्रदेश सरकार द्वारा एक तरफ पशुओ की सुरक्षा में
हर वर्ष करोड़ो रुपए पानी की तरह बहा रही है वही पर दूसरी तरफ पशु विभाग के
अधिकारियो व् कर्मचारियों द्वारा सरकार के योजनाओ को केवल कागज तक ही सीमित
रख कर हवा हवाई कर रहे है सरकार की योजनाए कितना पशु पालको तक पहुचती है
इसका उदारण गावो में देखा जा सकता है।जहां पर तमाम पशु गम्भीर बिमारी से मर
रहे है और विभाग के अधिकारी टीकाकरण करने के लिए गावो में जाना उचित नही
समझते।सबसे दुखत बात यह है कि ऐसे जगह पशुओ के मरने की सुचना मिलती है जहां
पर सरकार द्वारा करोड़ो रुपए खर्च कर पशु चिकित्सालय बनवाये है।ऐसा ही
मामला क्षेत्र के जमामपुर गाव में देखने को मिला जहां पर पशु चिकित्सालय है
और पशुओ में टीकाकरण न होने के कारण आधा दर्जन पशु बीमारियो की चपेट में
आकर अपनी जान गँवा चुके है।ऐसे में विभाग द्वारा कि दावा किया जा रहा दावा
कि जून माह से ही अभियान चला कर पशुओं मे होने वाली बीमार गलाघोटू, खूरपका,
मुँहपका, आदि बीमारियों का टिका लगाया जा रहा है।जो दावा हवा हवाई साबित
हो रहा है।
अभी कुछ दिन पहले मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने 398 गांवो 131023
पशुओं का टीकाकरण होने का दावा किया लेकिन सवाल खड़ा होता है कि विभाग के
डॉक्टर व कर्मचारी कहा पर टीकाकरण किये है। उन्हें भी अंधकार मे रख रहे
है।जमीनी हकीकत से नहीं रूबरू है।मामला मछलीशहर विकास खंड के जमालपुर गांव
का है जहाँ पशुओ में टीकाकरण न होने से एक सप्ताह के अंदर संक्रमण बीमारी
की चपेट मे आने से आधा दर्जन पशुओ की मौत हो चुकी है गाव के पशुपालक
झन्नालाल कन्नौजिया ने बताया मेरी बछीया का अचानक गला पकड़ लिया और वह मर
गईं।इन्द्रशेन सिंह की दो जरसी बछीया मर गई।मनराज सरोज ने बताया की मेरी
भैस भी बीमारी मे मर गई।पूछने पर की आप लोगों पशुओं को टीका लगवाये थे कि
नहीं लोगों ने बताया यहाँ कोई टीम टीका लगाने नहीं आई थी।अभिषेक सिंह ने
बताया मै फोन से डॉक्टर से टीका लगाने के लिए अनुरोध किया तो आने की बात
कह कर नहीं आएं।अब सवाल यह उठता है जब चीराग तले ही अँधेरा है दूर दराज के
गावो की क्या दशा होगी।ऐसे कर्मचारी सरकारी योजनाओ को केवल धज्जिया उड़ाने
में लगे है।

