शिवालयों पर उमड़ी जलाभिषेक को भीड़

जौनपुर। सावन के दूसरे सोमवार को जलाभिषेक के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।  त्रिलोचल महादेव, जलालपुर, कसूलनाथ, दियावा महोदव, मेहरवा महादेव, पाचों शिवाला आदि, मैहर देवी, कृषि परिसर स्थित मन्दिर में अपार भीड़ लगी रही और मेले जैसा दृष्य था। अनेक स्थानों पर रूद्राभिषेक और भजन कीर्तन भी हो रहा था।  सावन के महीने में देवो के देव महादेव की विशेष आराधना की जाती है। इसी के तहत  कांवरिये कठिन परिश्रम व त्याग करके विभिन्न शिव मन्दिरों में जलाभिषेक के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करते है। पुराणों में कहा गया है कि बिना किसी मंत्र अथवा विधि विधान के शिव की आराधना कर शिवत्व, मंगल को प्राप्त किया जा सकता है। महाकाल की असीम महिमा का वर्णन विभिन्न पुराणों में मिलता है। भगवान शिव की आराधना कोई सच्चे मन से करता है तो उसकी मनोकामना पूरी होती है। श्रावण मास शिव का प्रिय मास होने से शिव पूजा, भक्ति, जप , तप के लिए सर्वश्रेष्ठ मास है। भगवान शिव ही प्रलय के देवता कहे जाते हैं और आशुतोष भी कहलाते हैं। इन्हे शीघ्रता और सरलता से संतुष्ट किया जा सकता है। भगवान शिव का बाहरी प्रपन्च और आडम्बर पसन्द नहीं है। कोई उन्हे कैसे पसन्द करता है, यह वे नहीं देखते प्रार्थना करने वाले को अपना हित व अहित स्वंय समझाना चाहिए। पूरा जनपद सावन के महीने में भोले बाबा के जयकारे से गूंज रहा है। कांवर लेकर जाने वाले भक्तों का तांता लगा हुआ है। भक्तों की टोलियां कन्धे पर कांवर लिये बाबा के भजनों पर झूमते हुए शिव मन्दिरों में पहुंच रहे है।

Related

news 1033442059477146326

एक टिप्पणी भेजें

emo-but-icon

AD

जौनपुर का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

आज की खबरे

साप्ताहिक

सुझाव

संचालक,राजेश श्रीवास्तव ,रिपोर्टर एनडी टीवी जौनपुर,9415255371

जौनपुर के ऐतिहासिक स्थल

item