बादल छंटे, धूप से फसलें सूखी
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जौनपुर। कई दिनों से हो रही तेज धूप की वजह से गर्मी और उसम चरम सीमा पर पहुंच गया है। लोग त्राहि त्राहि कर रहे है। रविवार को दोपहर में अचानक आसमान बादलों से ढक गया और दो चार बूंद पड़ने के बाद फिर धूप ने व्याकुल कर दिया। फसले सूख रही है। किसान आस लगाये बैठे थे कि बरसात होगी और उनकी धान और मक्के की सूख रही फसलों को पानी मिल जायेगा लेकिन उनकी आशाओं पर तुषारापात हो गया। ज्ञात हो कि धान की फसलें पानी के अभाव में सूखकर पीली पड़ गयी है इसी प्रकार मक्का भी मुरझाने लगा है। एक सप्ताह तक दिन रात आसमान पर काले भूरे बादल छाये रहे लेकिन बादलों ने दगा दे दिया। किसानों का कहना है कि एक तो बिजली की व्यापक दुव्र्यवस्था की वजह से फसलों की सिचाई नहीं हो पा रही है दूसरी तरफ प्रकृति भी उन्हे बरबाद करने पर उतारू है। जब भी उन्हे सिचाई की जरूरत होती है समस्या और विकराल हो जाती है। पहले बारिश जमकर हुई और धान की रोपाई के बाद खेतों में हरियाली दिखने लग अब तैयार होने के कगार पर पहुंची फसलों की दशा उनसे नहीं देखी जा रही है। यदि इन्द्रदेव इसी प्रकार बेरूखी का रवैया अपनाये रहे रहेगें तो फसलों को बर्बाद होने से बचाना असंभव हो जायेगा।

