गो तस्करी रोकने वालों की आयी शामत
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जौनपुर। गो तस्करी रोकने वालों की आयी शामत आग गयी है। गोतस्कर सत्ता का सहारा लेकर उन्हे किनारे करते नजर आ रहे है। जनपद के शाहगंज कोतवाली क्षेत्र में गो तस्करो व गोकशी करने वालों की पकड़ सत्तारूढ़ दल में है। वे कोतवाली में तैनात प्रभारी समेत एसएसआई व एसआई का स्थानांतरण करवाने में लगे थे । इसका उदाहरण है। एसआई अमरजीत चौहान का तबादला है। इनका ट्रांसफर हो चुका है मौजूदा समय में यह पूर्वांचल चौकी पर तैनात है। ज्ञात हो कि शाहगंज कोतवाली क्षेत्र गो तस्करों के लिए सुरक्षित माना जाता है। इसी क्षेत्र का अरन्द गाँव गो तस्करी का गढ़ माना जाता है। यही से आजमगढ, वाराणसी, बिहार के लिए गो तस्करी की ट्रक व पिकप वाहन से रात में रवाना होते है। गोवंश लदे क्षेत्र के ही एक पिकप ने पिछले दिनों एक पुलिस जवान को रौद डाला था। इसके बाद से पुलिस के अधिकारियों ने इनके विरूद्ध अभियान चलाया। लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते गोकशी व गो तस्करो का मनोबल बढ़ा हुआ है। ऐसे में गो तस्करी का विरोध करने वाले दरोगा इन पर कार्यवाई करते है तो इनका तबादला करवा दिया जाता है। जबकि शाहगंज कोतवाली में गो तस्करी कराने वालो पर कोई कार्रवाई नहीं होती। इस क्षेत्र में दूध के टैंकर में गो मांस सप्लाई होती है । सूत्रों के अनुसार कुछ पुलिस दरोगा अपने क्षेत्र में गोबध व गोतस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगा दिए थे। जिससे कसाइयों में खलबली मच गयी। परेशान कसाईयो ने एक नेता से कह कर पुलिस महकमे मे ही फेरबदल करवा धन्धा करने की ठान ली। राजनीतिक शह पर ये कामयाब होते भी दिख रहे है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इनकी लिस्ट मे कोतवाली प्रभारी समेत एसएसआई महेंद्र यादव समेत बीबीगंज चौकी इंचार्ज शामिल हैं। फिलहाल एस आई का स्थानांतरण करवा दिया गया। वही अब प्रभारी,एस एस आई व चौकी इंचार्ज लाइन में है। कसाईयो ने बताया कि सप्ताह भर के अन्दर तीनो का बोरिया-बिस्तर बधना तय है। फिलहाल इनको काफी हद तक सफलता मिल चुकी है। पहले एस आई अमरजीत चौहान का तबादला करा दिया गया व शुक्रवार को एस एस आई महेन्द्र यादव को रवाना कर दिया गया। सरकार की मंशा के विरूद्ध नेताओं के बेजा हस्तक्षेप से तबादला होने की चर्चा नगर क्षेत्र में जोरों पर है।
