अतिक्रमण का मानक तय करे प्रशासन
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जौनपुर। शहर के पालिटेकनिक चौराहे से कुत्तूपुर तक प्रशासन द्वारा शुरू किये गये अतिक्रमण अभियान पर सवालिया निशान लग रहा है। इसमें पक्षपात का आरोप नागरिक लगा रहे हैं। ऐसा इसलिये हो रहा है कि अन्य जिन स्थानों पर अतिक्रमण हटाया गया है वहां का मानक घोषित किया गया है। इसके दायरे में चाहे दुकान आये अथवा मकान वह गरीब का हो या अमीर का ध्वस्त कराया गया है। इसकी वजह से सैकड़ों दुकानों का अस्तित्व समाप्त हो गया है। लोग बेराजगार हो गये है लेकिन उन्हे कोई राहत नहीं दी गयी जबकि इस मार्ग से लुम्बिनी दुद्धी का हाइर्व घोषित किया गया है और अतिक्रमण हटाने में कोई मानक ही नहीें बनाया गया है। यह कहना है कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय शुक्ला का है। उनका कहना है कि स्थायी निर्माण नहीं गिराया जायेगा। मकानों और दुकानों को क्षति नहीं पहुंचायी जायेगी। दरवाजे और सटर के बाहर तक का अतिक्रमण हटेगा चाहे वह जिना आगे हो या पीछे। यह बात प्रशासन की निष्पक्षता पर सवालिया निशान खड़ा करता है। शहर के ज्यादातर हिस्सों तो मानक निर्धारित कर उसे घोषित भी किया लेकिन जहां हाइवे बनना है वहां अतिक्रमण के दायरे का मानक ही नहीं घोषित किया गया। यह प्रशासन की मनमानी तथा अन्य मोहल्ले वालों के साथ पक्षपात है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग किया कि मानक निर्धारित और घोषित कर अतिक्रमण हटाया जाय अन्यथा बवाल हो सकता है।

