मरीजो के जान से खेल रहे है डॉक्टर
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जौनपुर। एक तरफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जनता को बेहतर स्वास्थ सुविधाएं मुहैया कराने का दावा कर रहे है। वही उनके दावे की धज्जियां खुद डाक्टर उड़ाते हुए मरीजो की जान से खेल रहे है। इसका जीता जागता उदाहरण मिली है जौनपुर जिले में । यहां के महराजगंज प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र पर 30 महिलाओं का नसबंदी करने के लिए बेहोशी का इंजेक्शन डाक्टर लगाकर महिलाओ का पेट पर चीरा लगाकर डाक्टर भाग निकला। उधर डाक्टर के लापता होने के बाद दर्द की कराहतरी महिलाओ को अस्पताल के अन्य स्टाफ भी चिकित्सालय में तालाबंद करके भाग निकले। इसकी जानकारी मिलते ही मरीज और उनके परिजनो के होश उड़ गये।
जौनपुर जिले के महराजगंज सामुदायिक स्वास्थ केंद्र मे महिला नसबन्दी कैम्प लगा था जिसमे डोभी के सर्जन डॉक्टर प्रवीण कुमार शाम 5 बजे सीएचसी पर पहुच कर ३० महिला को नसबंदी करने के लिए बेहोशी का इंजेक्सन लगा दिया सब महिलाओं को बेहोसी की हालत में फर्स पर लेटा दी गयी । डॉक्टर बेहोश की हालत में इंदू गौतम नामक महिला का पेट फाड़ कर जमीन पर लेटा दिया गया। उसके बाद रात 8 बजे डॉक्टर मौके से मशीन खराब होने की बात कहकर फरार हो गया ।यह देख अस्पताल में मौजूद डॉक्टर व् कर्मचारी अस्पताल में ताला लगाकर भाग गये ।यह देख वहा मौजूद 30 गांव की आशा कार्यकत्री व् साथ आये परिजन बेहोश हालत में चीख पुकार रही महिलाओं को देख घबड़ा गये । जानकारी होते ही अस्पताल पर गांव के सैकड़ो लोगो की भीड़ जमा हो गयी । एक ग्रामीण ने घटना की जानकारी सीएमओ व् डीएम भानुचंद्र गोस्वामी को दी। इसके बाद भी रात साढ़े नौ बजे तक किसी अधिकारी कर्मचारी न पहुचने पर लोगो ने हंगामा मचा दिया ।मौके एसओ अरविन्द यादव पहुचकर लोगो को किसी तरह समझाया ।मौजूद लोगो के परिजन नसबंदी कराने आयी महिलाओं को अपने घर ले जाने को तैयार हुए ।उधर डीएम ने इस मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौप दिया है। सीडीओ आज मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दिया है। सीएमओ ने इस मामले को हल्के में लेते हुए बताया कि यह टेक्निकल प्राबलम होने कारण आपरेशन बंद करना पड़ा। हलांकि देर रात एक मछलीशहर के एक डाक्टर को भेजकर आपरेशन पुनः शुरू करा दिया गया। सीएमओ ने कहा िकइस मामले की जांच के लिए परिवार नियोजन की टीम लखनऊ से आ रही है। उनकी जांच में जो दोषी पाया गया उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।
जौनपुर जिले के महराजगंज सामुदायिक स्वास्थ केंद्र मे महिला नसबन्दी कैम्प लगा था जिसमे डोभी के सर्जन डॉक्टर प्रवीण कुमार शाम 5 बजे सीएचसी पर पहुच कर ३० महिला को नसबंदी करने के लिए बेहोशी का इंजेक्सन लगा दिया सब महिलाओं को बेहोसी की हालत में फर्स पर लेटा दी गयी । डॉक्टर बेहोश की हालत में इंदू गौतम नामक महिला का पेट फाड़ कर जमीन पर लेटा दिया गया। उसके बाद रात 8 बजे डॉक्टर मौके से मशीन खराब होने की बात कहकर फरार हो गया ।यह देख अस्पताल में मौजूद डॉक्टर व् कर्मचारी अस्पताल में ताला लगाकर भाग गये ।यह देख वहा मौजूद 30 गांव की आशा कार्यकत्री व् साथ आये परिजन बेहोश हालत में चीख पुकार रही महिलाओं को देख घबड़ा गये । जानकारी होते ही अस्पताल पर गांव के सैकड़ो लोगो की भीड़ जमा हो गयी । एक ग्रामीण ने घटना की जानकारी सीएमओ व् डीएम भानुचंद्र गोस्वामी को दी। इसके बाद भी रात साढ़े नौ बजे तक किसी अधिकारी कर्मचारी न पहुचने पर लोगो ने हंगामा मचा दिया ।मौके एसओ अरविन्द यादव पहुचकर लोगो को किसी तरह समझाया ।मौजूद लोगो के परिजन नसबंदी कराने आयी महिलाओं को अपने घर ले जाने को तैयार हुए ।उधर डीएम ने इस मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौप दिया है। सीडीओ आज मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दिया है। सीएमओ ने इस मामले को हल्के में लेते हुए बताया कि यह टेक्निकल प्राबलम होने कारण आपरेशन बंद करना पड़ा। हलांकि देर रात एक मछलीशहर के एक डाक्टर को भेजकर आपरेशन पुनः शुरू करा दिया गया। सीएमओ ने कहा िकइस मामले की जांच के लिए परिवार नियोजन की टीम लखनऊ से आ रही है। उनकी जांच में जो दोषी पाया गया उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

