जाति का प्रमाण लिए दिया धरना
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जौनपुर। निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को जुलूस निकालकर जिला मुख्यालय पर धरना दिया। सभा को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डा0 संजय कुमार निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति सूची में मझवार के पर्यावाची जाति केवल, मल्लाह, मांझी, गोड़ पर अंकित जाति का प्रमाण पत्र निर्गत किया जाय। लोक तंत्र की स्थापना हेतु 06-09-1857 को समाधान निषाद, लोचन निषाद आदि नाविकों ने हजारों अंग्रेजों को कानपुर सतीश चौरा घाट पर गंगा नदी में डुबोकर मारा था। आजादी की लड़ाई के परिणाम में अंग्रेजों ने क्रूरता का अंजाम देते हुए क्रिमिनल एक्ट 1871 लागू कर जातिगत आधार पर निषादों अपराधी जनजाति घोषित कर दिया। निषादों के जीविकोपार्जन के साधन नदी , ताल , घाट व वन को बेदखल कर आदिवासी का जीवन जीने को मजबूर कर दिया। उन्होने कहा कि देश को आजाद कराने में निषादवंश की अग्रणी भूमिका है। हम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परविार से हैं। हम लोग नदी के किनारे रहते थे। जो भी आक्रमणकारी जलमार्ग से आये उनसे सबसे निषाद ही लड़े। पहला आरक्षण मंझवार नाम का पर्यायवाची जातियों का होना चाहिए। सभा को जिलाध्यक्ष दूधनाथ, राम भारत निषाद, जवाहर लाल बिन्द,राम चरित्र निषाद, राम चन्दर, अवधेश बहादुर, संदीप निषाद, प्रेम नारायण,रमेश अरविन्द, अंगद, अजय, दिवाकर आदि ने सम्बोधित किया।

