बीमारियों से बचाव का इन्तजाम नहीं
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जौनपुर। बारिश के मौसम मच्छरजनित रोगों की बाढ़ आ गई है। बड़ी संख्या में डेंगू, मलेरिया, मस्तिष्क ज्वर आदि से पीड़ित अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। नगर पालिका व स्वास्थ्य महकमा बचाव के लिए कोई उपाय नहीं कर रहा है। जुलाई के पहले पखवारे में हुई बारिश के कारण नगर व ग्रामीणांचलों में जगह-जगह पानी एकत्र हो गया है। जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। पैथालाजी में जांच कराने आने वाले पीघ्तिों में बीस से पच्चीस फीसद में मलेरिया पाजिटिव मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में जांच व उपचार की पर्याप्त सुविधा न होने के कारण मच्छर जनित रोगों से पीघ्ति प्राइवेट अस्पतालों की शरण में पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक मलेरिया, मस्तिष्क ज्वर, टायफायड, डायरिया के मरीज अधिक आ रहे हैं। मच्छरों के प्रकोप से बचाव के मामले में स्वास्थ्य महकमा असहाय है। फागिंग के लिए विभाग के पास जो मशीनें हैं वे सभी खराब हैं। छिड़काव के लिए जहां बजट का रोना रोया जा रहा है वहीं कर्मचारी भी नहीं है। नगर पालिका प्रशासन भी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े है। स्वास्थ्य विभाग प्राइवेट पैथालाजी की जांच रिपोर्ट और नर्सिगहोम में पीड़तों के उपचार को सही नहीं मानता है। जनपद में जहां मच्छरजनित रोगों की भरमार है वहीं मलेरिया विभाग को महामारी फैलने का इंतजार है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मच्छरजनित रोगों के प्रकोप से बचाव का उपाय करने की बजाय प्राइवेट चिकित्सकों के उपचार को गलत बताकर पल्ला झाघ् लेते हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी डेंगू, मस्तिष्क ज्वर का प्रकोप जनपद में नहीं है। विभागीय आंकघ्े के मुताबिक गत वर्ष 39 डेंगू के मरीज पाए गए थे। जिनमें पांच की मौत उपचार के दौरान हो गई थी। जबकि आंकड़ा इसके कई गुना अधिक है।

