ये है जौनपुर की पांच हौसला बुलन्द बेटियो की दास्ताँ
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जौनपुर। बेटिया घर चला रही है, जहाज चला रही है, रेल चला रही और देश की रक्षा के लिए सीमाओ पर गोलियां भी चला रही है। ऐसी ही जौनपुर की पांच बेटिया पिता की मौत के बाद से सड़क के किनारे ठेले पर फल बेचकर अपना खर्च चला रही पढ़ाई कर रही है और एक एक करके शादी करके अपना घर बसा रही है। जौनपुर मुख्यालय से करीब पन्द्रह किलोमीटर दूरी पर स्थित जलालपुर बाजार में फल बेच रही है इन बेटियों के पिता ओमप्रकाश सोनकर की दस वर्ष पहले मौत हो गयी थी। पिता की मौत के बाद पांच बेटियां रेश्मा, नीतू ,चंन्द्रकला , उजाला और नीता अनाथ हो गयी। मां अपनी बेटियों के पालन पोषण करने के लिए अपनी पति के पुश्तैनी धंधा फल बेचना शुरू किया। इस व्यवसाय में काफी परिश्रम होने के कारण बा मुश्किल दो वख्त की रोटी का जुगाड़ हो पाता था। मां की हालत इन बेटियों से देखी नही गयी। सभी ने अपने मां के व्यापार में हाथ बटाना शुरू कर दिया। सूबह शाम ये लड़कियां मां का सहयोग करती है और दिन में स्कूल जाकर पढ़ाई करती है। आज इसी कमाई के बल पर दो बहनो की शादी हो गयी। इस समय चन्द्रकला बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है, उजाला इण्टर फाईनल में और नीता हाईस्कूल की पढ़ाई करती है। सबसे हैरत की बात यह कि इस परिवार को सरकार की तरफ से एक अदद इन्द्रा आवास मिला है और मां को विधवा पेंसन मिल रहा है। इसके अलावा सरकारी की सभी योजनाओ का लाभ नही मिल पा रहा है।
इन लड़कियों की कठिन मेहनत और लगन को सभी सलाम कर रहे है। गांव के प्रधान ने कहा कि मैं भी इस परिवार के लिए कुछ करना चाहता हूं लेकिन अभी इस लायक नही हूं
इन लड़कियों की कठिन मेहनत और लगन को सभी सलाम कर रहे है। गांव के प्रधान ने कहा कि मैं भी इस परिवार के लिए कुछ करना चाहता हूं लेकिन अभी इस लायक नही हूं

