उजड़ने लगी है विधायको की महफिल !
https://www.shirazehind.com/2016/09/blog-post_45.html
जौनपुर। साढ़े चार वर्ष तक गुलजार रहने वाली विधायको की महफिल अब उजड़ने लगी है। अपने निजी स्वार्थ के लिए माननीयो की जी हूजूरी करने वाले छोट भैइया नेता ,ठेकेदार और चाटुकार अब अपना अपना डेरा तम्बू लेकर खिसकने लगे है। क्यो कि उन्हे बखूबी पता हो गया है कि अब विधायक जी के पास रहना घाटे का सौदा होगा। अपने चहेतो बदला हुआ यह चेहरा देखकर विधायक भी दंग है।
विधानसभा चुनाव 2012 में जीत का सेहरा पहनते ही विधायको के पास छोट भैइया नेता ,ठेकेदार और चाटुकारो का जमावड़ा लग गया। पूरे कार्यकाल में विधायको के चमचो ने प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनवाकर कानूनी गैर कानूनी काम कराकर खुब मलाईयां काटी ,ठेकेदारो ने हर तरह से विधायको को मोटीवेट करके विधायक निधि से कार्य कराकर खूब धन कमाया । उधर चाटुकारो ने विधायको से पैरवी कराकर चौकी थानो पर दारोगाओ और पुलिस कर्मियों की ट्रांसफर पोस्टिगं कराकर दलाली कमाई। अब कार्यकाल समाप्त होता देख विधायक के करीबी माने जाने वाले धीरे धीरे बेगाने होने लगे है। कल तक सूबह से लेकर देर रात विधायक के खिदमत में लगे रहने वाले लोग अब विधायक से नजरे चुराकर भागने लगे है। शिराज ए हिन्द डाॅट काम ने एक ठेकेदार से पुछा कि आज कल आप विधायक जी के पास नही दिखाई देते है तो उनका जवाब आया कि अब विधायक जी के पास रहना घाटे का सौदा है क्यो कि उनकी विधायक निधि समाप्त हो गयी है जो बची उसे वो मरीजो के इलाज में देने के लिए रोक रखा है। अब चुनाव भी आ गया है ऐसे में नेताजी हमेशा बैनर पोस्टर लगवाने का फरमान जारी करते है और रैलियों में जाने के लिए गाड़ी का इंतजाम करने का हुक्म देते है। पता नही इस बार जीतेगें या हारेगें। ऐसे में विधायक के ऊपर पैसा खर्च करना ठीक नही है।
विधानसभा चुनाव 2012 में जीत का सेहरा पहनते ही विधायको के पास छोट भैइया नेता ,ठेकेदार और चाटुकारो का जमावड़ा लग गया। पूरे कार्यकाल में विधायको के चमचो ने प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनवाकर कानूनी गैर कानूनी काम कराकर खुब मलाईयां काटी ,ठेकेदारो ने हर तरह से विधायको को मोटीवेट करके विधायक निधि से कार्य कराकर खूब धन कमाया । उधर चाटुकारो ने विधायको से पैरवी कराकर चौकी थानो पर दारोगाओ और पुलिस कर्मियों की ट्रांसफर पोस्टिगं कराकर दलाली कमाई। अब कार्यकाल समाप्त होता देख विधायक के करीबी माने जाने वाले धीरे धीरे बेगाने होने लगे है। कल तक सूबह से लेकर देर रात विधायक के खिदमत में लगे रहने वाले लोग अब विधायक से नजरे चुराकर भागने लगे है। शिराज ए हिन्द डाॅट काम ने एक ठेकेदार से पुछा कि आज कल आप विधायक जी के पास नही दिखाई देते है तो उनका जवाब आया कि अब विधायक जी के पास रहना घाटे का सौदा है क्यो कि उनकी विधायक निधि समाप्त हो गयी है जो बची उसे वो मरीजो के इलाज में देने के लिए रोक रखा है। अब चुनाव भी आ गया है ऐसे में नेताजी हमेशा बैनर पोस्टर लगवाने का फरमान जारी करते है और रैलियों में जाने के लिए गाड़ी का इंतजाम करने का हुक्म देते है। पता नही इस बार जीतेगें या हारेगें। ऐसे में विधायक के ऊपर पैसा खर्च करना ठीक नही है।

