कुंवारी कन्याओं ने भी रखा व्रत

जौनपुर। भाद्रपद मास की शुक्लपक्ष तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरितालिका तीज पर अखण्ड सौभाग्य के लिए  सुहागिन महिलाओ ने ब्रत रख जगत जननी मांज गौरा व भगवान शिव की पूरे बिधिबिधान से पूजा अर्चन कर आशिर्वाद मांगा जबकि कुवांरी बालिकाओ ने भी इच्छित बर की प्राप्ति हेतु ब्रत रख पूजन किया । इस व्रत को सुहागिन स्त्रियाँ अपने सुहाग की रक्षा तथा कुवांरी कन्याएं इच्छित वर को प्राप्त करने के लिये करती है स पौराणिक शास्त्रो के अनुसार इस व्रत को देवर्षि नारद की सलाह पर  सर्वप्रथम माँ पार्वती ने देवाधिदेव महादेव को पति के रुप में पाने के लिये किया था द्यतभी से इस व्रत की मान्यता चली आ रही है  स यह व्रत स्त्रियों के अचल सुहाग का रक्षक व कुवांरी कन्याओं को इच्छित वर का प्रदाता माना गया है द्यइस दिन सुहागिन महिलाएँ व कुवांरी कन्याएं दिन भर निर्जला  रहते हुए प्रदोषकाल में नवीन परिधानो मे सजधज व श्रिंगार कर  जगत जननी मां गौरा व भगवान महादेव की पूजा- अर्चना करती है स सुहाग की सामग्री चढाकर गौरी माता की अर्चना की जाती हैं तत्पश्चात भगवान शिव को विविध वस्तुएँ बिल्वपत्र, समीपत्र, भाँग, धतूरा, गँगाजल, मिष्ठान एवं फल आदि समर्पित कर पूजन करने का विधान हैं स  महिलाएँ सायंकाल पूजनोपरान्त  केला व जल आदि ग्रहण करती हैं स घर में अपने पतियों एवं सास ससुर एवं बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लेती हैं स दूसरे दिन सुबह पूजनोपरान्त व्रत का पारायण करने का विधान हैं दो जगहों पर चोरों ने हाथ फेरा

Related

news 5899251192724543183

एक टिप्पणी भेजें

emo-but-icon

AD

जौनपुर का पहला ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

आज की खबरे

साप्ताहिक

सुझाव

संचालक,राजेश श्रीवास्तव ,रिपोर्टर एनडी टीवी जौनपुर,9415255371

जौनपुर के ऐतिहासिक स्थल

item