इस परिवार को सलाम : घर का चिराग बुझने के बाद भी देश के सैनिको को दीपावली की बधाई दे रहा है शहीद राजेश सिंह का परिवार
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| फाइल फोटो |
जिले के सरायखाजा थाना क्षेत्र के भकुरा गांव के निवासी राजेन्द्र प्रसाद सिंह का बेटा राजेश सिंह बीते 18 सितम्बर को जम्मू-कश्मीर के उड़ी कैम्प में हुए आतंक हमले में शहीद हो गया था। शहीद का शव 20 सितम्बर की देर शाम उनके गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया था। इस वारदात में उसकी मां प्रभावती देवी की कोख सूनी हो गयी पत्नी जूली के मांग का सिन्दूर धुल गया था। छः वर्षीय बेटा निशात के सिर से पिता का साया उठ गया था पिता राजेन्द्र सिंह की बुढ़ापे की लाठी टूट गयी थी। जौनपुर के लाल के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरा जिला अपने बेटे की शहादत पर गर्व महसूस कर रहा था।
शहीद को अंतिम सलामी देने के लिए सांसद के पी सिंह राज्यमंत्री जगदीश सोनकर समेत कई नेता पहुंचे थे। दूसरे दिन सदर विधायक नदीम जावेद उसके बाद कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव शहीद के घर पहुंचकर शोक संवेदना प्रकट किया था।
पिता राजेन्द्र सिंह ने साफ कहा कि उस दिन सभी नेता आकर श्रध्दाजलि देने की फोटा खिचवाया उसके बाद गांव में शहीद द्वार, स्मारक, सड़क का निर्माण और पूरे गांव बिजली की व्यवस्था करने दावा करके अखबारो में खबर छपाया। आज एक माह बीत जाने के बाद से कुछ कार्य होने की बात दूर की कोई पलट कर नही आया।
फिलहाल अपना गम सीने में दफ्न करते हुए राजेश सिंह का परिवार देश के लाखो सैनिको की सलामति की दुआ करते हुए सभी को दीपावली की हार्दिक बधाई दे रहे है। शहीद का परिवार पूरे देश वासियों से अपील किया है कि सभी शहीदो के नाम एक दीपक जलाकर अपनी श्रध्दाजलि देने का काम करें।
मां प्रभावती पत्नी जूली बहन रीना ने कहा कि राजेश त्योहार मनाने का बहुत ही शौकिन था। वह सीमा पर रहते हुए फोन करके हम लोगो को दीपावली की बधाईयां देने का काम करता था। इस बार तो हमारे घर दीपावली नही मनायी जायेगी लेकिन पूरे देश वासियों से अपील है कि अपने खुशियों में शहीदो को शामिल करके उन्हे सच्ची श्रध्दांजलि देने का काम करे।
राजेश का एलौता बेटा निशात को भले ही अभी आतंकवाद के बारे न पता हो लेकिन आतंकवादियों के हाथो मारे गये अपने पापा बदला लेने की बात कर रहा है। उसने साफ कहा कि मै पाकिस्तान के भीतर घुसकर आतंकवादियों को मारूगां।
शहीदो की चिंताओ पर लगेगें हर बरस मेले बस यही बाकी निशा होगा कुछ इस पक्तियों के साथ उडी में शहीद जौनपुर के लाल राजेश सिंह को अपना श्रध्दा सुमन अर्पित करने जिले के सांसद, विधायक मंत्री और नेता पहुंचे थे। श्रध्दाजलि देने के बाद इस गांव में सड़क, पानी ,बिजली समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का वादा किया था साथ में गांव की सरहद पर एक शहीद स्मृति द्वारा बनाने का वादा किया था। नेताओ का सारा वादा कोरा कागज साबित हुआ। उस दिन से यहां विकास की किरण विखरना तो दूर की बात आज तक कोई नेता पलट उस गांव में गया तक नही। शहीद के पिता पत्नी समेत पूरा गांव अपने आप को ठगा से महसूस कर रहा है।
