10रूपये के सिक्के के बाद 5सौ और 1हजार रुपये के नोट बंद होने से मची अफरा-तफरी
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जलालपुर (जौनपुर )अभी तक 10 रुपये के सिक्के को चलने न चलने के चक्कर से जनता उबर भी नहीं पायी थी कि 8 नवंबर की आधी रात को एकाएक 5सौ और 1हजार की नोट बाजार मे बन्द होने से लोगो की रातो से ही नींद उड़ गयी है। एक तरफ सुबह से लोग 5सौ और 1 हजार के नोटों को बदलने के चक्कर मे दर-दर की ठोकरे खा रहे है।तथा कोई फुटकर देने के लिए तैयार नहीं है वहीं दूसरी तरफ 5सौ और 1एक हजार की नोट होने के बावजूद दवाओं के अभाव मे मरीज जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे है। खाने पीने के सामानों सहित अपनी आवश्यकता की वस्तुओं की खरीदारी भी लोग नहीं कर पा रहे है जिसे लेकर जनता मे भारी आक्रोश दिखाई दे रहा है। हलांकि अर्थव्यवस्था पर नकली नोटों कालेधन और भ्रष्टाचार के नकारात्मक असर को खत्म करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा उठाया गया कदम है।पहले से समय सीमा तय किये बगैर अचानक आधी रात से 5सौ और 1हजार के नोटो को बाजारो मे बन्द होने से पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया है सवाल यह भी उठता है कि जब देश की पूरी अर्थव्यवस्था भ्रष्ट हो चुकी है तो इसका सकारात्मक नतीजा निकलेगा कि नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा परंतु इस समय इस समस्या को लेकर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे मे प्रशासन को भी सर्तक रहना पड़ेगा अपराधियो की निगाह भी नोटो की बदला बदली पर रहेगी।

