सेवा से ही मिलते है भगवान: मुरारी बापू
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जौनपुर। भगवान ही सारे सम्पति के मालिक है जो प्राणी दास बन कर उनके दिव्य सेवा मे लग जाता है ऐसे लोगों को भगवान का दर्शन हो जाता है । उक्त विचार मुंगराबादशाहपुर में माॅ काली जी मंदिर परिसर मे पुस्करधाम से आए राष्ट्रीय संत दिव्य मुरारी बापू ने श्री मदभागवत कथा के पाॅचवे दिन प्रवचन के दौरान कही। उन्होने ने कृष्ण लीलाओं का वर्णन करते हुए पूतना उदार प्रसंग पर चर्चा किया। कहा भगवान ने पहले पूतना का विषपान किया फिर दूध पान किया तथा उसके प्राणों को हरण कर उसका उद्वार कर दिया। उन्होने कथा का बढाते हुए कहा गृहस्थ आश्रम बैल गाडी के समान है। इसमे दोनो पहिए पति पत्नी है। यदि दोनो मे विचारों की समानता रही तो परिवार कल्मश से दूर होकर सुखमय हो जाता है। उन्होने कहा जो व्यक्ति कृष्ण भावनामृत मे लीन होकर कर्म करता है वह ही भगवान का सच्चा भक्त होता है। संसार के कामों के पीछे भले ही हम भगवान को छोड दे लेकिन भगवान शरण मे आये भक्तों को कभी नही छोडते हैै। भगवान श्री कृष्ण का कालिया नाग मर्दन गोबर्धन पूजा व गिरिराज पूजन का मन मोहक दृश्य श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।

