भाजपा, आरएसएस को रोकने के लिए एक मंच पर आए सभी राजनीतिक दल : तीस्ता सीतलवाड़
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जौनपुर। देश की जानी मानी सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ ने कहा कि भाजपा व आरएसएस जैसी ताकतों को रोकने के लिए देश के सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होने की जरुरत है। आज जिस तरह से उत्तर प्रदेश में सपा के नेतृत्व में महागठबंधन की शुरुआत की जा रही है उसकी वो समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हो या फिर अमित शाह का एजेंडा सभी लोग आरएसएस के इशारे पर इस देश को गलत दिशा की ओर ले जा रहे है। जिस तरह से मीडिया की आजादी पर हमला किया जा रहा है उसका हम सब विरोध करते है। तीस्ता सीतलवाड़ शनिवार को मोहम्मद हसन पीजी कालेज में एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुंची थी। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार कॉमन सिविल कोड के जरिए लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है लोगों को यह समझना चाहिए कि मोदी और अमित शाह जैसे लोग कभी भी मुस्लिम महिलाओं के हिमायती नहीं हो सकते। ट्रिपल तलाक का मुद्दा तो एक बहाना है ये सभी लोग संघ के एजेंडे पर कार्य कर रहे है। भोपाल एनकाउंटर पर उन्होंने भी सवाल उठाते हुए कहा कि सीमी के संदिग्ध आतंकियों को जिस तरह से मुठभेड़ दिखाकर मारा गया है उसकी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए क्योंकि कोई भी कानून किसी भी आरोपी को जब तक कि उसका दोष सिद्ध न हो जाय इस तरीके से फर्जी एनकाउंटर के जरिए मार दिया जाय हालांकि इस मामले पर राजनीति भी शुरु हो गयी है। उन्होंने कहा कि गुजरात में जिस तरह से मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी व अमित शाह ने कई फर्जी एनकाउंटर कराये थे और इस बात का खुलासा भी जांच में हुआ था उससे इस एनकाउंटर पर भी संदेह उठना लाजिमी है। जेएनयू मुद्दे पर उन्होंने कहा कि एक छात्र नजीब बीते 25 दिन से लापता है न तो गृह मंत्रालय उस छात्र का पता लगाने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है और न ही दिल्ली पुलिस इसे गंभीरता से लिया। हालांकि दो दिन पूर्व दिल्ली पुलिस ने नजीब का सुराग देने वालों पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है बावजूद इसके अभी तक देश की सबसे हाईटेक दिल्ली पुलिस अब तक उसका सुराख तक पता नहीं लगा सकी है इससे सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य आज के नौजवानों पर है। इसलिए उन्हें यह तय करना होगा कि वो कैसा समाज चाहते है? पत्रकारवार्ता के दौरान प्राचार्य डा. अब्दुल कादिर खान मौजूद रहे।

