सावधान ! जब बैंक कैशियर आप का नोट गिन रहा हो तो अपना निगाह गड्डियों पर ही रखे
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मड़ियाहू(जौनपुर)। मड़ियाहू तहसील के जमालापुर बाजार स्थित यूबीआई में प्रबन्धक के तानाशाही रवैया के चलते ग्राहकों को जिल्लते झेलनी पड़ रही है। ग्राहक पुराने नोटो को जमा करने के लिए नोटो को कितनी बार क्यो न गिना हो बैक के अन्दर कैशियर के हाथ मे नोट पहुंचते ही पैसा कम हो जाता है। अगर ग्राहक अन्दर जाकर अपना पैसा देखना चाहता तो बैक कर्मी मारपीट करने तक आमादा हो जाते है।
जमालापुर यूबीआई में आप अपने पैसों को जमा करने जा रहे हों तो बैंक कर्मचारी से सतर्क रहे जब वो आपके पैसों को गिने तो अपना निगाह न हटाये। वरना पैसा तुरन्त कम हो जाएगा।
आरोप है कि हर रोज ये लोग कम से कम 50 हजार की चोरी कर रहे हैं। कस्टमर से कहते है पैसा पूरा दो कम लाये हो। जबकि पैसों की गड्डी में से 2 या 4 नोट खिसका दिया जाता है। जमालापुर निवासी विकास चौरसिया दो दिन पहले पैसा जमा करने शाखा में गया। 11500 रूपये काउंटर पर दिया बाद में कैशीयर ने बताया की इसमे 1000 रूपये कम है। जबकि उस पैसे को तीन लोगो ने गिना था। और खुद उन पैसों को विकास ने भी गिना। जब उस कर्मचारी का विरोध किया तो पुलिस से बाहर करवा दिया। सोमवार को औरा निवासी एक ग्राहक का भी 3000 की हेरा फेरी की गयी। ग्राहक ने हल्ला मचाया तो नोट कैशियर के काउन्टर के नीचे गिरा पाया। इस तरह अब तक दर्जनों शिकार हो चुके है। ग्राहक पैसो के लिए परेशान है लेकिन बैंक दलालो के लिए रात नौ बजे तक खुली रहती है। जबकि मैनेजर 2 बजे से ही कस्टमर को पैसे देना बंद कर देता है। साथ ही साथ ये भी तुगलकी फरमान शाखा प्रबंधक की ओर से जारी किया गया की 500 के नोट को जमा करने के लिए अलग फार्म और 1000 की नोट के लिए अलग फार्म भरना है जिससे बैंक के बाहर ग्राहक परेशान रहते है। यही नही कर्मचारी ग्राहक को 2000 रूपये देने के बजाय 1000 रूपये हर ग्राहक को दिया जा रहा है। बैक की मनमानी यही नही रूका है ग्राहको से पैसे निकालने वाली पर्ची यानी विड्डाल फार्म के साथ आधार देना अनिवार्य बना दिया गया है जबकि और बैको मे ऐसी कोई मांग नही है। ग्राहक आरोप लगा रहे है कि पैसा रात में दलालो के माध्यम से एक मोती रकम लेकर दूसरों को दिया जा रहा है। जब इस सम्बन्ध में शाखा प्रबन्धक से पूछा गया तो कहा कि मै पत्रकारो के हर प्रश्न का जबाब देने के लिए नही बैठाया गया हूं

