उजड़ा हुआ हुसैन का कुनबा लिये हुए...
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जौनपुर। माहे सफर की दो तारीख को नगर के बारादुअरिया स्थित इमामबाड़े में एक मजलिस का आयोजन किया गया जिसमें बिजनौर से आये मौलाना शिको हैदर नकवी ने कहा कि सफर का महीनो शुरु हो गया है। इसी माह में कर्बला में हजरत इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों की शहादत के बाद चौथे इमाम हजरत जैनुल आब्दीन व उनकी बहन जनाबे जैनब को कैदी बनाकर कूफे से शाम ऊंटों पर बैठाकर घुमाया गया था। पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद की नवासियों को जिस तरह से सरे बाजार घुमाया गया था वो इस्लाम के लिए सबसे बड़ा काला दिन था आज हम सब उन्हीं का गम मनाने के लिए एकट्ठा हुए है। दूसरी मजलिस को हिन्दुस्तान के मशहूर शायर नैयर जलालपुरी ने खेताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन की शहादत को आज पूरी दुनिया सलाम कर रही है और उन्हीं के बताये हुए रास्ते पर चलने की कोशिश की जा रही है। इससे पूर्व नायाब हल्लौरी ने अपने कलाम पेश कर नजराने अकीदत पेश किया वहीं मुजफ्फरनगर ककरौली से आये मशहूर नौहे खां काशिफ ने अपने दर्द भरे नौहे पढ़कर पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। इस मौके पर सम्पादक शामिन हुसैन रिजवी, इसरार हुसैन एडवोकेट, हसन जाहिद खां बाबू, रिजवान हैदर राजा, फैसल हसन तबरेज, शाहिद मेंहदी, आजम जैदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
