छठ पर सजे बाजार, उमड़ी भीड़
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जौनपुर। सूर्योपासना का महान पर्व छठ के अवसर पर बाजारों मंे पर्योपयोगी सामानों की जगह जगह दुकानें लगी है और लोग उसे खरीद रहे है। फल, गन्ना, शकरकंद, नारियल, माला फूल की दुकानों पर भीड़ लगी है। ज्ञात हो कि दीपावली के बाद छठ पर्व की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। यह पर्व कार्तिक शुक्ल की षष्ठी को मनाया जाने वाला पर्व है। सूर्य की उपासना के लिए मनाया जाने वाला यह पर्व अब यहां भी मनाया जाता है। हिंदुओं में मनाया जाने वाला यह पर्व कब और कैसे शुरू हुआ इससे जुड़ी कई कहानियां प्रचलित हैं। छठ पूजा के पीछे की एक कहानी राजा प्रियंवद को लेकर है। कहा जाता है कि राजा प्रियवंद की कोई संतान नहीं थी तब राजा ने इसके लिए एक यज्ञ कराने की सोची। महर्षि कश्यप ने पुत्र की प्राप्ति के लिए यज्ञ कराकर प्रियंवद की पत्नी मालिनी को आहुति के लिए बनाई गई खीर खाने को दी। इससे राजा को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई लेकिन वो पुत्र मरा हुआ पैदा हुआ। प्रियंवद पुत्र को लेकर शमशान लेकर गए और पुत्र वियोग में प्राण त्यागने लगे। उसी वक्त मानस पुत्री देवसेना प्रकट हुईं और उन्होंने राजा प्रियंवद से कहा कि वो सृष्टि की मूल प्रवृति के छठे अंश से उत्पन्न हुई हैं और इसी कारण वो षष्ठी कहलातीं हैं। उन्होंने राजा प्रियंवद से उनकी पूजा करने और दूसरों को पूजा के लिए प्रेरित करने को कहा। जिसके बाद राजा प्रियंवद ने पुत्र इच्छा के कारण देवी षष्ठी का व्रत किया और उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। तभी से छठ पूजा पूत्रों की दीर्घ आयु के लिए मनायी जाती है।

