डेंगू मरीज का रक्त नमूना की जॉच काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से कराये : C M O
https://www.shirazehind.com/2016/11/c-m-o.html
जौनपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 विरेन्द्र कुमार ने बताया कि डेंगू के रोगियों के निदान/इलाज सम्बन्धी सूचना प्रायः समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही है। संक्रामक रोगों के निदान/उपचार/निरोधात्मक कार्यवाही का राष्ट्रीय मानक निर्धारित किया गया है, उसका पालन किया जाना लोक स्वास्थ्य हेतु अनिवार्य है, उन्होंने मुख्य चिकित्साधीक्षक व नोडल अधिकारी निजी नर्सिंग होम/पैथालॉजी पंजीकरण इकाई एवं समस्त चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि यदि कोई डेंगू का रोगी आपके चिकित्सालय में आता है एवं एन0एस0-1 किट जॉच में धनात्मक पाया जाता है तो उक्त रोगी का रक्त नमूना काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के माईक्रोबायलोजी विभाग में भेजकर एलाइजा जॉच द्वारा डेंगू रोग की पुष्टि अवश्य कराया जाना है। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के माईक्रोबायलोजी विभाग के पुष्टि सूचना के आधार पर एवं भारत सरकार के निर्देशानुसार नोडल अधिकारी द्वारा रोगी के डेंगू प्रभावित होने की घोषणा एवं कार्यवाही किया जायेगा। उन्होंने बताया कि चिकित्सालय में एन0एस0 1 धनात्मक इलाज किये जा रहे डेंगू के लक्षण के रोगियों को जिला चिकित्सालय के पैथालाजी विभाग में भेजकर रक्त का नमूना एकत्रित कराये, एकत्रित रक्त नमूना काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के माईक्रोबायलोजी विभाग भेजकर जॉच कराया जायेगा। निरोधात्मक कार्यवाही हेतु भर्ती रोगियों की सूचना, पैथालॉजी/नर्सिंग होम का नाम, भर्ती का दिनांक, रोगी का नाम, रोगी के पिता/पति का नाम, रोगी के उम्र/लिंग, रोगी का पूरा पता, रोगी/परिजन का मोबाइल नम्बर कार्यालय के एपिडेमिक सेल को उपलब्ध कराये। उक्त निर्देशों का पालन न किये जाने की स्थिति में निजी चिकित्सालय/पैथालॉजी के संचालक स्वयं जिम्मेदार होगे जिनके विरूद्ध विधिक कार्यवाही प्रस्तावित कर दिया जायेगा।

